Thursday, 20 September 2018

हमारे खिलाफ संविधान उल्लंघन का एक भी मामला नहीं
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा
नई दिल्ली, 18 सितंबर । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा दिल्ली में आयोजित भविष्य का भारत कार्यक्रम के दूसरे दिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संघ संविधान को मानकर चलता है। संविधान के खिलाफ जाकर हमने कोई काम किया हो, ऐसा कोई भी उदाहरण नहीं है। उन्होंने संघ और राजनीति के बीच संबंधों पर भी खुलकर बात की। सरकार के कामकाज में दखल के आरोपों और अटकलों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि लोग कयास लगाते हैं कि नागपुर से फोन जाता होगा, यह बिल्कुल गलत बात है। भागवत ने साफ कहा कि नागपुर से सरकार नहीं चलती है।
मंगलवार को उन्होंने कहा, केंद्र में काम कर रहे काफी लोग स्वयंसेवक हैं। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति आदि स्वयंसेवक रह चुके हैं ऐसे में कई तरह की बातें होती हैं। वास्तव में ये लोग मेरी उम्र के हैं तो राजनीति में वे मुझसे सीनियर हैं। संघ कार्य का जितना मेरा अनुभव है उससे ज्यादा अनुभव उनका राजनीति का है। उनको अपनी राजनीति चलाने के लिए किसी की सलाह की आवश्यकता नहीं है। हम सलाह दे भी नहीं सकते हैं। भागवत ने यह जरूर कहा कि हां, उन्हें सलाह चाहिए और हम दे सकते हैं तो हम देते हैं।
संघ प्रमुख ने कहा कि राजनीति और सरकार की नीतियों पर संघ का कोई प्रभाव नहीं है। वह हमारे स्वयंसेवक हैं और समर्थ हैं अपने क्षेत्र में अपना काम करने के लिए। देश की व्यवस्था में जो सेंटर संविधान से तय हुआ है, वही चलता है और चलना चाहिए, ऐसा हमारा मानना है।
संघ का राजनीति से संबंध क्या है? एक ही दल में क्यों सबसे ज्यादा स्वयंसेवक हैं? बाकी दलों में जाने की उनकी इच्छा क्यों नहीं होती है? इन सवालों का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि इस पर उनको विचार करना है। हम किसी भी स्वयंसेवक को किसी एक विशिष्ट राजनीतिक दल का काम करने के लिए नहीं कहते हैं।
संघ क्या कहता है?
उन्होंने कहा कि राष्ट्र के लिए एक विचार को लेकर, एक नीति का स्वप्न लेकर काम करने वालों के पीछे खड़े हो जाओ- ऐसा हम जरूर कहते हैं। वह नीति किसी भी दल की हो सकती है। राष्ट्रहित की सोचकर स्वयंसेवक नागरिक के नाते अपना कर्तव्य करते हैं। संघ के कार्य में दायित्व धारी कार्यकर्ता राजनीति में बिल्कुल भी नहीं पड़ते हैं। हां, स्वयंसेवक स्वतंत्र हैं, वह कर भी सकते हैं और नहीं भी। भागवत ने कहा कि संघ का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ता है। हम प्रभाव बढ़ाने के लिए काम नहीं करते हैं। ऐसे में संघ का राजनीति से संबंध चला आ रहा है। व्यक्ति निर्माण हमारा मुख्य काम है।

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अटल विकास यात्रा : कोटा को मिली 130 करोड़ की सौगात, कांग्रेस पर जमकर साधा निशाना

बिलासपुर – मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह अटल विकास यात्रा के दौरान आज बिलासपुर जिले के कोटा में आमसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस के 60 साल के शासन पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान 130 करोड़ 89 लाख रूपये के विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। डॉ.सिंह इस अवसर पर हितग्राहीमूलक योजनांतर्गत 587 हितग्राहियों को सामग्री का वितरण भी किया।

अटल विकास यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह 111 करोड़ 34 लाख की लागत से निर्मित 25 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें प्रमुख रूप से 76 करोड़ 57 लाख की लागत से निर्मित सकरी, गनियारी, कोटा मार्ग (लगभग 22 किमी), 11 करोड़ 72 लाख की लागत से निर्मित बांसाझाल व्यपवर्तन कार्य, 11 करोड़ 58 लाख रूपये की लागत केे निर्मित कोटा, बेलगहना मार्ग (5 किमी), 1 करोड़ 70 लाख रूपये की लागत केे स्थापित 33/11 के.व्ही.विद्युत उपकेन्द्र रतनपुर तथा 1 करोड़ 55 लाख रूपये की लागत के 33/11 के.व्ही.विद्युत उपकेन्द्र सी.वी.रमन कोटा का लोकार्पण किया।

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बिलासपुर प्रकरण पर बोले मंत्री अमर अग्रवाल “कचरा मैंने किसी राजनीतिक दल को नहीं कहा, ये काल्पनिक स्टोरी बनायी गयी है, कांग्रेस को ऐसा कृत्य नहीं करना चाहिए जिससे ये स्थिति पैदा हो”

बिलासपुर,19 सितंबर 2018। बिलासपुर प्रकरण को लेकर मंत्री अमर अग्रवाल ने सीएम डॉ रमन सिंह के दंडाधिकारी जाँच का जिक्र करते हुए कहा है कि,

“यदि सही लगता तो जाँच की घोषणा ही क्यों करते”

मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा

“किसी के घर में कचरा गिट्टी फेंकना ..लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं है, ये नौंवी बार मेरे बंगले आ चुके, विरोध का अधिकार सबको है विरोध करना चाहिए लोकतंत्र में, लेकिन उसका भी तरीक़ा होता है”

शहर विधायक और मंत्री अमर अग्रवाल लाठीचार्ज मसले को लेकर विपक्ष के निशाने पर हैं लेकिन उनका दावा है कि, उन्हे इसकी कोई जानकारी नहीं थी, लाठीचार्ज की जानकारी उन्हे देर शाम करीब सात बजे मिली। लाठीचार्ज को लेकर उन्होने कहा

“मुझे पता ही नहीं कि, लाठीचार्ज हो गया। कांग्रेस को ऐसा कृत्य नहीं करना चाहिए कि जिससे ये सारी स्थिति पैदा हो, इस मामले में जाँच की घोषणा हो चुकी है,अगर सही लगता तो जाँच का घोषणा ही क्यों करते”

मंत्री अमर अग्रवाल इस बात को काल्पनिक स्टोरी बता रहे हैं, जिसमें उन पर आरोप है कि उन्होने कांग्रेस को कचरा कहा। मंत्री अमर अग्रवाल ने इस मसले पर कहा

“कचरा मैने किसी राजनीतिक दल को नहीं कहा, काल्पनिक स्टोरी बनाई गई है, आप अख़बार देखिए..मैंने कहा था कांग्रेस का कचरा हम साफ़ कर रहे हैं..मेरे कहने का आशय था शहर में जो कचरा फैलाया है उसे साफ़ कर रहे हैं..मेरे हवाले से जो कहा जा रहा है, वो मैंने कहा ही नहीं है”

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एक करोड़ की सुपारी और गुजरात के पूर्व गृहमंत्री का मर्डर कनेक्शन!
तेलंगाना हॉरर किलिंग: आईएसआई लिंक
हैदराबाद,18 सितंबर । तेलंगाना के नालगोंडा में एक 23 वर्षीय युवक की हत्या के मामले में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई लिंक, एक करोड़ रुपये की सुपारी और गुजरात के पूर्व गृह मंत्री की हत्या का कनेक्शन सामने आया है। तेलंगाना पुलिस के सीनियर अधिकारियों ने बताया कि मोहम्मद अब्दुल बारी नामक युवक को 23 साल के दलित युवक की हत्या के संबंध में गिरफ्तार किया गया है। बारी को गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या के मर्डर के मामले में बरी कर दिया गया था।
पुलिस ने बताया, बारी, नालगोंडा के आईएसआई संदिग्ध असगर अली के गैंग का सदस्य है। असगर और बारी दोनों को 2003 में पांड्या के मर्डर के केस में सीबीआई ने अरेस्ट किया था। मर्डर केस में बारी को तो रिहा कर दिया गया, लेकिन असगर के खिलाफ अभी ट्रायल चल रहा है। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक उसके तार आईएसआई से भी जुड़े हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि अमृता वार्षिणी के पिता टी. मूर्ति राव ने बारी को अपने दामाद प्रणय की हत्या के लिए एक करोड़ रुपये की सुपारी दी थी। बारी ने इसके लिए बिहार के हमलावरों को पैसा दिया था। इस केस में स्थानीय कांग्रेस नेता मोहम्मद करीम को भी हिरासत में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक मूर्ति राव ने करीम के जरिए ही बारी से संपर्क किया था और एक करोड़ रुपये की सुपारी दी थी। वह 50 लाख की रकम दे भी चुके थे।
अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि 2002 के गुजरात दंगों का बदला लेने के लिए 2003 में हरेन पांड्या की हत्या कर दी गई थी। 2007 में गुजरात की ऐंटी टेरर कोर्ट ने बारी-असगर सहित 8 लोगों को आरोपी ठहराया था। हालांकि बाद में दोनों को रिहा कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद आतंकी मिर्जा फैयाज बेग को 1996 में पुलिस कस्टडी से भगाने के मामले में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। सबूत नहीं मिलने की वजह से दोनों को बरी कर दिया गया।
मां-पत्नी के सामने हुई थी दिनदहाड़े हत्या
गौरतलब है कि 23 साल के प्रणय की दिनदहाड़े धारदार हथियार से बेरहमी से काटकर हत्या कर दी गई थी। वह अपनी गर्भवती पत्नी और मां के साथ हॉस्पिटल से बाहर निकल रहे थे, जब सबके सामने ही एक हमलावर ने पीछे से उन पर हमला कर मार डाला। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। दलित समुदाय से आने वाले प्रणय ने अमृता के साथ अंतरजातीय विवाह किया था। अमृता ने इस मामले में अपने पिता टी. मूर्ति राव और चाचा टी. श्रवण पर ही पति को मारने का आरोप लगाया था।
अमृता ने टीआरएस विधायक वीरेशम पर भी हत्याकांड में शामिल रहने का आरोप लगाया था, हालांकि पुलिस को उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला। बहरहाल, कांग्रेस पार्टी ने मिरयालागुडा शहर के कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद करीम का नाम भी शामिल होने के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। लड़की के पिता मूर्ति और नेता करीम की दोस्ती थी और उनका जमीन का व्यापार भी था।

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