मध्यप्रदेश

चुनाव प्रचार में आर्मी चीफ, सैनिकों के फोटोग्राफ्स का उपयोग नहीं कर पाएंगे राजनीतिक दल

भोपाल।  विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा बरती जाने वाले सावधानियों को लेकर चुनाव आयोग ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया कि हर व्यक्ति के शांतिपूर्ण एवं विघ्नरहित जीवन जीने के अधिकार का आदर करना चाहिए। निर्वाचन प्रचार के दौरान उच्च मानकों का अनुरक्षण करते हुए प्रचार के दौरान असंयमित एवं अपमानजनक भाषा का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए तथा किसी के भी व्यक्तिगत चरित्र पर कोई टिप्पणी नहीं की जाना चाहिए। राजनैतिक दलों को अपने प्रचार के दौरान किसी भी माध्यम में आर्मी चीफ, अन्य रक्षा कार्मिको या सुरक्षा बलों की किसी कार्यवाही के फोटो ग्राफ का उपयोग नहीं करना चाहिए। 

दलों से कहा गया है कि दलों को प्रस्तावित सभा के स्थान एवं समय के बारे में स्थानीय पुलिस अधिकारियों को पूर्व से करने और प्रस्तावित सभा स्थल पर कोई प्रतिबंधात्मक या निर्वन्धात्मक आदेश लागू हो तो उसका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए । लाउड स्पीकरों के उपयोग के लिए पूर्व से अनुमति प्राप्त की जाना चाहिए। विघ्न उत्पन्न करने वाले या अव्यवस्था फैलाने का प्रयत्न करने वाले व्यक्तियों से निपटने में पुलिस की सहायता करनी चाहिए।

 जुलूस के प्रारंभ होने का स्थान, समय एवं गुजरने का मार्ग, समाप्ति का समय एवं स्थान पूर्व निर्धारित किया जाना चाहिए एवं सामान्यतः कोई परिवर्तन नहीं करना चाहिए। स्थानीय पुलिस अधिकारियों को अग्रिम सूचना दी जानी चाहिए। यातायात के नियमों का पालन किया जाना चाहिए। यातायात में बिना कोई रुकावट या बाधा उत्पन्न किए जुलूस निकलने की व्यवस्था की जानी चाहिए। जुलूस सड़क के दायीं ओर रखा जाना चाहिए। अन्य राजनैतिक दलों के नेताओं या अभ्यर्थियों के पुतले लेकर चलने एवं जलाने के प्रयास नहीं किए जाने चाहिए।

 निर्वाचन कर्तव्य पर तैनात अधिकारियों के साथ सहयोग किया जाना चाहिए।  यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मतदाता बिना किसी बाधा के स्वतंत्रतापूर्वक मतदान कर सके। अपने कार्यकताओं को पहचान पत्र जारी किये जाना चाहिए। अभ्यर्थियों के बूथ मतदान केन्द्र से 200 मीटर की दूरी पर तथा साधारण होने चाहिए उनपर कोई प्रचार सामग्री प्रदर्शित नहीं की जानी चाहिए। मतदान के दिन चलाए जाने वाले वाहनों के लिए परमिट प्राप्त किये जाने चाहिए। मतदान दिवस एवं इसके 48 घण्टे पूर्व की अवधि में प्रचार रैली, लाउड स्पीकर का उपयोग तथा शराब का वितरण करने से बचा जाना चाहिए।

स्थानीय प्राधिकरण के साथ बैठक

नगरपालिकाओं, पंचायतों एवं अन्य स्थानीय संस्थाओं के साथ वैधानिक बैठकों, जिन्हें टाला नहीं जा सकता, पर कोई प्रतिबंध नही होगा किन्तु ऐसी बैठकों में नए नीतिगत निर्णयों को लेने एवं उनकी घोषणा करने पर पूर्णतः प्रतिबंध होगा। ऐसी बैठकों में केवल सामान्य दिन प्रतिदिन की व्यवस्थाओं से संबंधित मसलों एवं किन्ही अत्यावश्यक मामलों पर निर्णय लिए जा सकेंगे।

स्टार प्रचारकों द्वारा प्रचार

 आदर्श आचरण संहिता लागू होने के दौरान स्टार प्रचारकों द्वारा किये जाने वाले प्रचार पर बारीकी से नजर रखी जानी चाहिए तथा किसी भी प्रकार से आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों की सूचना तत्काल आयोग को भेजी जानी चाहिए। जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा विभिन्न अभ्यर्थियों एवं दलों के द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों पर नजर रखने के लिए दलवार रजिस्टर संधारित किये जाने चाहिए। दस्तावेज पब्लिक डोमेन में उपलब्ध कराया जाना चाहिए। किसी राजनैतिक दल के अभ्यर्थी या राजनैतिक दल के नेता द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन के मामलों में संबंधित के साथ-साथ उसके राजनैतिक दल को भी नोटिस जारी किया जायेगा।

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