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मेडाराम जतारा में नाबालिग से कथित यौन उत्पीड़न पर NCW सख्त, जांच समिति गठित

अध्यक्ष विजया राहटकर के निर्देश पर मौके पर जांच, 5 फरवरी से शुरू होगी कार्यवाही

नई दिल्ली। तेलंगाना के मुलुगु जिले में आयोजित विश्व प्रसिद्ध सम्मक्का-सरलाम्मा (मेडाराम) जतारा के दौरान 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित यौन उत्पीड़न की घटना को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गंभीर संज्ञान लिया है। मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित खबरों के आधार पर आयोग ने मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए त्वरित जांच प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि घटना में गैंगरेप की आशंका है और इसमें कथित तौर पर छत्तीसगढ़ के पांच युवकों की संलिप्तता बताई जा रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने एक विशेष जांच समिति का गठन किया है। आयोग द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता NCW सदस्य सुश्री डेलिना खोंगडुप करेंगी, जबकि NCW की वरिष्ठ समन्वयक सुश्री कंचन खट्टर को समिति सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा, जांच को कानूनी दृष्टि से मजबूत करने हेतु जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA), मुलुगु द्वारा नामित एक वकील समिति को आवश्यक सहयोग प्रदान कर सकता है।

आयोग के अनुसार जांच समिति 5 फरवरी 2025 से अपनी कार्यवाही प्रारंभ करेगी। समिति को घटना से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जांच, पुलिस एवं प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई का मूल्यांकन, संबंधित अधिकारियों व व्यक्तियों से बातचीत कर तथ्यों का संकलन करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस उपाय सुझाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। समिति अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें आयोग को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने दोहराया कि महिलाओं और नाबालिग बालिकाओं की गरिमा, अधिकार और सुरक्षा की रक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता अटल है। आयोग ने यह भी कहा कि जांच समिति के निष्कर्षों के आधार पर मामले पर लगातार नजर रखी जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

गौरतलब है कि 28 से 31 जनवरी तक आयोजित इस द्विवार्षिक मेडाराम जतारा को एशिया का सबसे बड़ा आदिवासी मेला माना जाता है। इस आयोजन में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु पहुंचे थे। सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थाओं के दावे के बावजूद सामने आई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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