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सीपीआई ने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

पेसा, वनाधिकार और स्थानीय रोजगार को लेकर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

बीजापुर (हिंदसत)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) जिला परिषद बीजापुर ने बस्तर संभागीय कमेटी के निर्णय के अनुरूप भारत के राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर के माध्यम से एसडीएम बीजापुर को अनुसूचित क्षेत्र बस्तर में विकास कार्य पेसा कानून, वनाधिकार कानून और पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप ग्रामसभा की सहमति को लेकर ज्ञापन सौंपा।

सीपीआई नेता कमलेश झाड़ी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि अनुसूचित क्षेत्र बस्तर में विकास कार्य पेसा कानून, वनाधिकार कानून और पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप ग्रामसभा की सहमति से ही संचालित किए जाएं।

ज्ञापन में मनरेगा कानून में संशोधन कर बजट वृद्धि के साथ 200 दिनों का रोजगार गारंटी लागू करने की मांग की गई है। बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र स्थित ग्राम कुचनूर की कोरंडम खदान को मिली पर्यावरण स्वीकृति पर तत्काल रोक लगाने तथा ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य किए जाने की बात कही गई है।

पार्टी ने बस्तर संभाग में किसी भी योजना के नाम पर वनों की कटाई पर तत्काल रोक लगाने और ग्रामसभा की अनुमति अनिवार्य करने की मांग की है। तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग की शासकीय भर्तियों में स्थानीय युवाओं को 100 प्रतिशत प्राथमिकता देने की बात भी ज्ञापन में शामिल है।

खनिज सर्वेक्षण के नाम पर आदिवासी ग्रामीणों को परेशान किए जाने पर रोक लगाने तथा निजी कंपनियों को खदान लीज पर देने की प्रक्रिया को बंद करने की मांग उठाई गई है। साथ ही खनिज दोहन के लिए निजी एवं बहुराष्ट्रीय कंपनियों की भूमिका पर तत्काल रोक लगाने की बात कही गई है।

ज्ञापन में सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था एनएमडीसी द्वारा स्थापित नगरनार स्टील प्लांट व अन्य खदानों एवं उद्योगों के निजीकरण के प्रयासों पर रोक लगाने की मांग भी की गई है। वर्ष 2005 के पूर्व से वन भूमि पर काबिज पात्र व्यक्तियों को प्राथमिकता के आधार पर वनाधिकार पट्टा प्रदान करने तथा बस्तर संभाग में स्थापित सभी उद्योगों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है।

सीपीआई जिला परिषद के सचिव कमलेश झाड़ी ने कहा कि बस्तर जैसे अनुसूचित क्षेत्र में स्थानीय लोगों का विकास उनकी परंपरा, संस्कृति और जल-जंगल-जमीन की अस्मिता को सुरक्षित रखते हुए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्र में आदिवासियों का विकास उनकी सहभागिता और सहमति से ही संभव है।

इस अवसर पर सीपीआई जिला परिषद बीजापुर के सचिव कमलेश झाड़ी, सह सचिव राजू तेलाम, जेम्स कुड़ियाम, लक्ष्मीनारायण पोर्टक, कोवा राम हेमला, मोतीराम पोर्टक, राजेश, आयतू तेलाम, मंगू, सुरेश, रिंकू, शिवा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद थे।

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