बीजापुर में राष्ट्रीय लोक अदालत से बड़ी राहत, 10,621 मामलों का हुआ समाधान

आपसी समझौते से त्वरित न्याय, ट्रैफिक, राजस्व और बैंक ऋण सहित कई प्रकरणों का निराकरण
बीजापुर (हिन्दसत)। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य के मार्गदर्शन तथा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रोजमीन राजेश खाखा के नेतृत्व में शनिवार को बीजापुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर खण्डपीठ क्रमांक-01 के पीठासीन अधिकारी रोजमीन राजेश खाखा ने अधिवक्ता एस.एकटी तथा अधिवक्ता ईश्वरी झाड़ी की उपस्थिति में आपराधिक एवं प्री-लिटिगेशन से जुड़े राजीनामा योग्य मामलों का प्ली बारगेनिंग एवं स्वीकारोक्ति के आधार पर निराकरण किया।

तालुका विधिक सेवा समिति बीजापुर के समन्वय से आयोजित लोक अदालत में आपसी समझौते के माध्यम से आपराधिक के 05 तथा पराकाम्य लिखत अधिनियम का 01 प्रकरण निपटाया गया। इसके अलावा यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े 1003 ट्रैफिक प्रकरण और आबकारी विभाग के 38 प्रकरणों का भी निराकरण हुआ। इस प्रकार कुल 1047 मामलों में शासन के पक्ष में 1,38,300 रुपये की राशि राजसात की गई।
इसी तरह जलकर, विद्युत बिल, दूरसंचार विभाग के बकाया बिल तथा बैंक ऋण से जुड़े 601 प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी समझौते के आधार पर समाधान किया गया। वहीं जिले के राजस्व न्यायालयों द्वारा खातेदारों के बीच बंटवारा, नामांतरण सहित कुल 7,574 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते से मामलों का अंतिम समाधान होता है, जिससे दोनों पक्षों को राहत मिलती है और न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या में भी कमी आती है।
इस दौरान व्यवहार न्यायालय बीजापुर के कर्मचारी पीताम्बर सिंह मण्डावी (प्रस्तुतकार), शिवशंकर तोगर (स्टेनोग्राफर), गौरैया गोटा (निष्पादन लिपिक), सुनील कुमार मौर्य (वाहन चालक), नारायण पिटला, डोमेन्द्र कुमार साहू एवं कैलाश चन्द्रवंशी (कोर्ट मोहर्रिर) उपस्थित रहे।



