Breaking News

समावेशी शिक्षा को मिली नई दिशा, बीजापुर में 3 दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला संपन्न

दिव्यांग बच्चों के अधिकार, सुविधाओं और योजनाओं पर शिक्षकों-अभिभावकों को दिया गया प्रशिक्षण

बीजापुर (हिन्दसत)। समावेशी शिक्षा को सशक्त बनाने और दिव्यांग बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बीजापुर में तीन दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण सह कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 12 मार्च से 14 मार्च 2026 तक आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्राचार्य, पालक-अभिभावक और दिव्यांग बच्चों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर संबित मिश्रा के दिशा-निर्देश और जिला मिशन संचालक नम्रता चौबे के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी लखनलाल धनेलिया, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा भवानी शंकर रेड्डी तथा सहायक कार्यक्रम अधिकारी तारकेश्वर पैकरा (समावेशी शिक्षा प्रभारी) के नेतृत्व में कार्यशाला का संचालन किया गया।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को दिव्यांगता से संबंधित विभिन्न पहलुओं, सहायक उपकरणों, छात्रवृत्ति, पेंशन तथा सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही समावेशी शिक्षा के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर बेदराम निषाद (आवापल्ली), अनिरुद्ध गिलहरे (भोपालपटनम), सुनील तायवाडे (भैरमगढ़) और चितु राम बघेल (बीजापुर) ने अलग-अलग सत्रों में प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

कार्यशाला को सफल बनाने में डाइट बीजापुर के प्राचार्य वेंकट रमण एटला का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने तीनों दिनों तक अपनी सक्रिय सहभागिता से समावेशी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं दिव्यांग बच्चों के अधिकारों और उनके लिए उपलब्ध योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Related Articles

Back to top button