गंगालूर पोर्टा केबिन मामला: जांच दल ने किया खुलासा

तीन छात्राओं के गर्भवती होने की खबर अर्धसत्य – सर्व आदिवासी समाज
बीजापुर। गंगालूर स्थित पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय की तीन छात्राओं के गर्भवती होने की खबर को लेकर सर्व आदिवासी समाज द्वारा गठित जांच दल ने अपनी प्रारंभिक जांच में इसे अर्धसत्य बताया है।
सर्व आदिवासी समाज के संभागीय अध्यक्ष प्रकाश ठाकुर के निर्देशन में तथा जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी (संयोजक) के नेतृत्व में गठित जांच समिति 19 मार्च को गंगालूर पहुंची। जांच दल में कमलेश पैंकरा, कुंवर सिंह मज्जी, अमित कोरसा, सीताराम मांझी, कामेश्वर दुब्बा, श्रवण सैंड्रा, सुखराम कोवासी सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। दल ने मामले की विस्तृत जांच करते हुए संबंधित छात्राओं से मुलाकात की तथा बाद में गोंडवाना भवन में प्रेस वार्ता कर पत्रकारों को जानकारी दी।

जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि एक छात्रा सितंबर माह से ही विद्यालय में अनुपस्थित थी, जबकि अन्य दो छात्राएं नए शिक्षा सत्र प्रारंभ होने के बाद से ही आवासीय विद्यालय नहीं आई थीं। जांच दल ने तीनों छात्राओं से उनके निवास स्थान पर मुलाकात की, जहां यह पाया गया कि तीनों वर्तमान में अपने-अपने ससुराल में रह रही हैं।
समिति के अनुसार परीक्षा के दौरान जब ये छात्राएं विद्यालय आई थीं, तब परीक्षा के अंतिम दिन गांव के कुछ लोगों द्वारा उनसे पूछताछ की गई थी, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया।

प्रेस वार्ता में समाज प्रमुखों ने कहा कि इस पूरे मामले में प्रशासनिक चूक भी सामने आई है। बालिकाओं के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, निगरानी तथा स्वास्थ्य शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं में प्रबंधन की कमी रही है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में शासन-प्रशासन से मुलाकात कर इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।
साथ ही, एक अन्य सवाल के जवाब में समाज प्रमुखों ने दंतेवाड़ा के पत्रकार रौनक गुप्ता मामले में पत्रकार संगठनों द्वारा की जा रही न्यायिक जांच की मांग को उचित बताया। उनका कहना था कि निर्दोषों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।



