पयोधि के जीवन-संघर्ष और साहित्यिक यात्रा पर प्रबंध काव्य ‘पद्म पयोधि’ प्रकाशित

3 मई को जगदलपुर में होगा लोकार्पण, नई पीढ़ी को मिलेगा बस्तर की साहित्यिक विरासत से परिचय
बीजापुर (हिन्दसत)। जिले के मूलत: भोपालपटनम् के सुप्रसिद्ध साहित्यकार लक्ष्मीनारायण ‘पयोधि’ के संघर्षपूर्ण जीवन और साहित्यिक उपलब्धियों को केंद्र में रखकर जगदलपुर की प्रतिष्ठित कवयित्री नवनीत कमल ने प्रबंध काव्य ‘पद्म पयोधि’ की रचना की है। यह कृति नवनीत कमल की पाँचवीं काव्य पुस्तक है, जो पूर्णत: छंदबद्ध शैली में लिखी गई है। पुस्तक का प्रकाशन बिलासपुर की ‘बुक्स क्लीनिक पब्लिशिंग’ द्वारा किया गया है।
उल्लेखनीय है कि भोपालपटनम् के स्व. श्री ताटी मल्लैया और श्रीमती गंगादेवी के मंझले पुत्र लक्ष्मीनारायण ‘पयोधि’ ने अपनी साहित्यिक यात्रा की शुरुआत यहीं से की थी। भोपालपटनम् में रहते हुए उन्होंने चर्चित काव्यकृति ‘सोमारू’, काव्यनाटक ‘गुण्डाधूर’, गीत संग्रह ‘हर्षित है ब्रह्माण्ड’ तथा कहानी संग्रह ‘संबंधों के एवज में’ की रचना की, जो पुस्तक रूप में प्रकाशित होने से पहले ही साहित्य जगत में चर्चित हो चुकी थीं।
साहित्य-संसार में लक्ष्मीनारायण पयोधि के नाम से प्रतिष्ठित इस प्रतिभा ने भोपाल में रहकर भी बस्तर की सांस्कृतिक सुगंध को देशभर में विस्तार दिया है। पयोधि की 21 काव्य कृतियों सहित विभिन्न विधाओं में अब तक 56 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके साहित्य पर चार आलोचना ग्रंथ पूर्व में प्रकाशित हो चुके हैं, जबकि ‘पद्म पयोधि’ उनके जीवन और कृतित्व पर केंद्रित पाँचवाँ प्रबंध काव्य है।
पयोधि के साहित्य पर अलग-अलग विश्वविद्यालयों द्वारा दो शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी जा चुकी है, जबकि तीसरी पीएचडी के लिए बस्तर विश्वविद्यालय के अधीन शोधकार्य जारी है। उनकी कविताएँ, कहानियाँ और लेख केंद्रीय पाठ्यक्रम के साथ मध्यप्रदेश और तेलंगाना के राज्य पाठ्यक्रमों में भी शामिल हैं। पयोधि द्वारा रचित फिल्मी गीत ‘ख्वाहिशें’ (फिल्म ऑपरेशन मेफेयर) को टी-सीरीज द्वारा जारी किया गया है, वहीं उनकी कुछ ग़ज़लों को रेड रिबन म्यूजिक कंपनी, मुंबई ने प्रकाशित किया है।
कवयित्री नवनीत कमल ने इस प्रबंध काव्य में एक साधक सृजनधर्मी के व्यक्तित्व और कृतित्व के विभिन्न आयामों को कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया है। यह कृति शोधार्थियों के साथ-साथ नई पीढ़ी को पयोधि के जीवन-संघर्ष, साहित्यिक विकास और उनके साहित्यिक अवदान से परिचित कराएगी।
गौरतलब है कि पुस्तक ‘पद्म पयोधि’ का लोकार्पण 3 मई 2026 को जगदलपुर में उत्सवपूर्वक किया जाएगा।




