तेंदूपत्ता संग्राहकों को सीधे खाते में भुगतान, कांग्रेस को तकलीफ क्यों – गागड़ा

भाजपा ने डिजिटल भुगतान को बताया पारदर्शिता की पहल, आदिवासियों को गुमराह करने का कांग्रेस पर आरोप
बीजापुर (हिन्दसत)। बस्तर का “हरा सोना” कहे जाने वाले तेंदूपत्ता को लेकर भाजपा सरकार ने आदिवासी संग्राहकों के हित में डिजिटल भुगतान की पहल को प्राथमिकता बताया है। भाजपा जिला महामंत्री फूलचंद गागड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों का मेहनताना अब सीधे उनके बैंक खातों में जमा किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से क्षेत्र के आदिवासी हितग्राहियों में संतोष और खुशी का माहौल है।
गागड़ा ने कहा कि जैसे-जैसे तेंदूपत्ता तोड़ाई का समय नजदीक आ रहा है, कांग्रेस नेताओं में बेचैनी साफ नजर आ रही है। उन्होंने स्थानीय विधायक विक्रम शाह मंडावी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे आदिवासियों को गुमराह कर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। गागड़ा ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तेंदूपत्ता खरीदी सीमित दिनों तक ही होती थी, जबकि भाजपा सरकार पूरी खरीदी सुनिश्चित करेगी और 5500 रुपये मानक दर से भुगतान करेगी।
भाजपा नेता ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनकी नीति गांवों को अंधेरे में रखकर राजनीतिक लाभ लेने की रही है। उन्होंने कहा कि देश तेजी से डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और अधिकांश कार्य डिजिटल माध्यम से हो रहे हैं, लेकिन कांग्रेस आदिवासियों को पुराने तरीके में ही रखना चाहती है।
गागड़ा ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद समाप्त कर विकास को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। “मोदी की गारंटी” के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों के बैंक खाते खोलकर सीधे भुगतान किया जाएगा, जिससे उन्हें समय पर मेहनताना मिल सके।
उन्होंने अंत में कहा कि सरकार की इस पारदर्शी और जनहितकारी पहल से कांग्रेस और कुछ नेताओं की असहजता समझ से परे है।




