धान उठाव में देरी से उपार्जन केंद्रों पर संकट, सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने सौंपा ज्ञापन

खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में मात्र 2.80% धान उठाव, जिले के 21 उपार्जन केंद्र बफर लिमिट से ऊपर, बढ़ी परेशानी
बीजापुर(हिन्दसत)। खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 में धान के उठाव की धीमी गति से उत्पन्न हो रही समस्याओं को लेकर छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ, जिला इकाई बीजापुर ने बुधवार को एसडीएम के माध्यम से कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ ने उपार्जन केंद्रों से धान का शीघ्र उठाव सुनिश्चित करने की मांग की है।

संघ ने ज्ञापन में बताया कि जिले में इस वर्ष 20,351 कृषक धान विक्रय हेतु पंजीकृत हैं। 30 दिसंबर 2025 की स्थिति में 6,178 कृषकों ने 35,546.12 मीट्रिक टन धान का विक्रय किया है, जो कुल पंजीकृत किसानों का लगभग 30 प्रतिशत है।
डीएमओ तामेश नागवंशी ने बताया कि राज्य शासन द्वारा जिले के लिए इस वर्ष 1,28,174 मीट्रिक टन धान उपार्जन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उठाव के लिए दो राइस मिलर्स, जिले के स्वयं के जांगला संग्रहण केंद्र (7,500 मीट्रिक टन), अंतर जिला संग्रहण केंद्र जगदलपुर (45,674 मीट्रिक टन) तथा अन्य जिला मिलर्स के माध्यम से 64,000 मीट्रिक टन उठाव का लक्ष्य तय किया गया है।

कर्मचारी संघ का कहना है कि अब तक जिले में केवल 2.80 प्रतिशत धान का ही उठाव हो सका है। इसका परिणाम यह है कि जिले के 30 उपार्जन केंद्रों में से 21 केंद्र शासन द्वारा निर्धारित बफर लिमिट से ऊपर पहुंच चुके हैं। लंबे समय तक धान पड़े रहने से भंडारण, सुरक्षा और रख-रखाव की समस्या बढ़ रही है, साथ ही कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव भी बन रहा है।
संघ ने यह भी बताया कि शासन की उपार्जन नीति के अनुसार 50:50 अनुपात में नए और पुराने बारदानों में धान की खरीदी की जानी है। अंतर जिला मिलरों द्वारा प्रदाय पुराने बारदानों की छटाई में समितियों को अतिरिक्त व्यय वहन करना पड़ रहा है, जबकि छंटाई के दौरान लगभग 80 प्रतिशत बारदाना अमानक निकल रहा है, जिससे समस्या और गंभीर हो गई है।
सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने प्रशासन से धान उठाव की प्रक्रिया में तेजी लाने, परिवहन व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा निर्धारित संग्रहण केंद्रों में शीघ्र उठाव सुनिश्चित करने की मांग की है।



