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बीजापुर में ‘विकसित भारत 2047’ पर दो दिवसीय जन-जागरूकता कार्यक्रम संपन्न

चित्र प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और साइबर जागरूकता ने बढ़ाई जनभागीदारी

बीजापुर (हिंदसत)। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के केन्द्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) रायपुर द्वारा बीजापुर स्थित सांस्कृतिक भवन में आयोजित दो दिवसीय ‘विकसित भारत 2047’ जन-जागरूकता कार्यक्रम एवं भव्य चित्र प्रदर्शनी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को केंद्र सरकार की योजनाओं, विकास की दिशा और नागरिक सहभागिता के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा एवं नगरपालिका अध्यक्ष गीता सोम पुजारी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ देश को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है, जिसे जनभागीदारी से ही साकार किया जा सकता है।

दो दिनों तक चले आयोजन में युवा, महिला, किसान और गरीब इन चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित चित्र प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें भारत की विकास यात्रा, प्रमुख सरकारी योजनाओं और भविष्य की दृष्टि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।

स्वास्थ्य शिविर और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बढ़ाया आकर्षण

कार्यक्रम के अंतर्गत केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल द्वारा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 170 एवं 229 बटालियन के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहन राजू एवं डॉ. इदरा ग्रीष्मा तेजस्वी के नेतृत्व में नागरिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया।

साथ ही गीत, नाटक, रंगोली, चित्रकला, प्रश्नमंच और लोक कला प्रस्तुतियों के माध्यम से केंद्र सरकार की योजनाओं का सरल और प्रभावी प्रचार-प्रसार किया गया। लोक कला मंच जगदलपुर के कलाकारों ने भी प्रस्तुति देकर लोगों को जागरूक किया।

छात्रों के लिए प्रतियोगिता, विशेषज्ञों के विचार

जन-जागरूकता को सहभागितापूर्ण बनाने हेतु स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

पूर्व प्राचार्य बाबूलाल नरवरिया ने खेल एवं मानसिक स्वास्थ्य पर विचार रखे, जबकि हर्षिता पांडा ने बालिका शिक्षा एवं जल जीवन मिशन के महत्व पर जानकारी दी।

साइबर अपराधों से सतर्क रहने का संदेश

समापन दिवस पर साइबर सेल प्रभारी विवेकानंद पटेल ने नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि ओटीपी फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाएं, व्हाट्सएप हैकिंग, नकली लिंक और फर्जी अधिकारी बनकर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, यह केवल ठगी का तरीका है।

नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी अनजान लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक न करें और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।

बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

कार्यक्रम में पत्रकार के.संतोष कुमार, पार्षद बसंती लिंगम, सुगतिन चालकी, राधा लकड़ा, सत्यवती परतागिरी, यशोदा पैकरा, अर्जुन पटेल, अलिसा खान, अमिषा झाड़ी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का सफल संचालन केन्द्रीय संचार ब्यूरो के के.एस. दीवान (नोडल अधिकारी) एवं बी.एस. ध्रुव द्वारा किया गया। अंत में आभार व्यक्त करते हुए आयोजन के सफल समापन की घोषणा की गई।

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