जिला पंचायत में संविदा कर्मचारी पर डिजिटल सिग्नेचर से फर्जीवाड़ा, लाखों के घोटाले का आरोप

पंचायत विकास राशि में गबन का मामला, JCCJ नेता विजय झाड़ी ने लगाए गंभीर आरोप
बीजापुर। जिला पंचायत बीजापुर में 15वें वित्त आयोग योजना के तहत करोड़ों रुपये के संभावित घोटाले का मामला सामने आया है। जनता जोगी कांग्रेस (जेसीसीजे) के बस्तर संभागीय उपाध्यक्ष विजय झाड़ी ने जिला पंचायत कार्यालय में पदस्थ संविदा कर्मचारी विक्रम परस्ते पर ग्राम पंचायतों की विकास राशि में बड़े पैमाने पर गबन करने के गंभीर आरोप लगाए हैं

विजय झाड़ी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि आरोपी कर्मचारी ने ग्राम पंचायतों के सरपंचों और सचिवों को भ्रम में रखकर उनके डिजिटल सिग्नेचर (DSC) का दुरुपयोग किया। बिना पंचायत की वास्तविक स्वीकृति के विकास कार्यों के भुगतान स्वीकृत कराए गए और इस तरीके से लाखों रुपये की राशि निकालकर निजी उपयोग में लाई गई।
दर्जनों पंचायतें प्रभावित
झाड़ी के अनुसार रानी बोदली, तुमनार, रुद्राराम सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों में सड़क, भवन, नाली, पेयजल जैसे बुनियादी विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि में भारी हेराफेरी की गई। जिन पैसों से गांवों का विकास होना था, वही राशि निजी संपत्ति बनाने में खर्च कर दी गई।
संपत्ति पर भी उठे सवाल
आरोप है कि विक्रम परस्ते ने नेशनल हाईवे से लगी प्राइम लोकेशन पर खसरा नंबर 335/4 में लगभग दो एकड़ भूमि खरीदी है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा उनके पास महंगी कंपनी की कार और रायपुर में मकान होने की भी चर्चा है।
आय से अधिक संपत्ति का मामला?
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि एक संविदा कर्मचारी जिसकी मासिक आय लगभग ₹25,000 बताई जाती है, वह इतनी बड़ी संपत्ति कैसे अर्जित कर सकता है, यह बड़ा सवाल खड़ा करता है।
जल्द होगा ज्ञापन, उच्चस्तरीय जांच की मांग
विजय झाड़ी ने बताया कि जल्द ही इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री, जिला कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपेंगे और आरोपी के पूरे कार्यकाल तथा संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।




