मुरिया समाज की मध्यस्थता से गंगालूर में भूमि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान

दोनों पक्षों में बनी सहमति, 28 फरवरी तक मकान खाली करने पर हुआ समझौता
बीजापुर (हिन्दसत)। आदिवासी मुरिया समाज जिला इकाई बीजापुर के नेतृत्व में गठित जांच दल ने गंगालूर पहुंचकर हाल ही में सामने आए भूमि विवाद के मामले की जमीनी स्थिति जानने के लिए दोनों पक्षों के परिजनों से मुलाकात की। समाज के पदाधिकारियों ने श्रीनिवास कन्नम एवं सुकलू हेमला पक्ष की बात विस्तार से सुनी।
दोनों पक्षों की बात सुनने के पश्चात समाज द्वारा आपसी सौहार्द बनाए रखने और भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद से बचने की समझाइश दी गई। समाज की पहल पर दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से हाथ मिलाकर समझौते को स्वीकार किया।

बैठक के दौरान श्रीनिवास कन्नम द्वारा मकान खाली करने हेतु तीन माह का समय मांगा गया, जबकि सुकलू हेमला द्वारा एक सप्ताह का समय देने का प्रस्ताव रखा गया। दोनों पक्षों के विचारों को ध्यान में रखते हुए समाज ने मध्यस्थता करते हुए यह निर्णय लिया कि श्रीनिवास कन्नम 17 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक मकान में निवास करेंगे तथा 28 फरवरी 2026 को बिना किसी विवाद के मकान खाली करेंगे। इस निर्णय पर दोनों पक्षों ने सहमति व्यक्त की।
समाज प्रमुखों ने निष्पक्ष भूमिका निभाते हुए दोनों परिवारों को समझाइश दी, जिसे सभी ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया।
इस अवसर पर मुरिया समाज जिला अध्यक्ष कुंवर सिंह मज्जी, जिला कोषाध्यक्ष बलदेव उरसा, वरिष्ठ समाज प्रमुख पांडू तेलम, युवा संगठन जिलाध्यक्ष सतीश मांडवी, अमित कोरसा, श्रवण सेंड्रा, पूर्व सरपंच राजू कलमू, गंगालूर सरपंच पायल हेमला, जितेंद्र हेमला, हरीश उरसा, नरेंद्र हेमला सहित गांव के पटेल, सिरहा, कोटवार, गायता, पेरमा, युवा-युवतियां, महिलाएं एवं लगभग 60 से 80 गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।



