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बीजापुर मुठभेड़ पर प्रेसवार्ता : एसपी, डीआईजी और कोबरा कमांडेंट ने दी अभियान की विस्तृत जानकारी

AK-47, INSAS, कार्बाइन, BGL लॉन्चर सहित हथियारों का जखीरा बरामद, अभियान के दौरान कोबरा जवान घायल

बीजापुर (हिन्दसत)। उत्तर-पश्चिम बीजापुर क्षेत्र में हुई बड़ी मुठभेड़ को लेकर सोमवार को जिला मुख्यालय बीजापुर में पुलिस विभाग द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव, केरिपु (CRPF) बीजापुर सेक्टर के उप महानिरीक्षक बी.एस. नेगी, कोबरा 202 के कमांडेंट अमित कुमार सहित DRG, STF, जिला पुलिस एवं CAPF के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अधिकारियों ने बताया कि थाना भोपालपटनम और थाना फरसेगढ़ के सीमावर्ती जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में 17 से 18 जनवरी तक चले संयुक्त ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। मुठभेड़ में कुल 6 माओवादी मारे गए, जिनमें नेशनल पार्क एरिया कमेटी का इंचार्ज और 8 लाख का इनामी DVCM दिलीप बेड़जा भी शामिल है।

एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि वर्ष 2025 में जिले में 163 माओवादी मारे गए, जबकि 2026 में अब तक 8 माओवादी ढेर किए जा चुके हैं। जनवरी 2024 से अब तक कुल 229 माओवादी मारे गए, 1126 गिरफ्तार हुए और 876 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है।

अभियान के दौरान कोबरा व STF के जवान घायल

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान दुर्गम जंगल क्षेत्र में प्राकृतिक खतरों का भी सामना करना पड़ा। भालू के हमले में CoBRA 206 के प्रधान आरक्षक नीरज शर्मा घायल हुए, जबकि वनभैंसा के हमले में STF के प्रधान आरक्षक कृष्णा नेताम घायल हुए हैं। दोनों जवानों को सुरक्षित रूप से बाहर निकालकर उपचार हेतु हायर सेंटर भेजा गया है और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।

मुठभेड़ स्थल से हथियारों का जखीरा बरामद

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटनास्थल से

  •  2 नग AK-47
  •  1 नग INSAS राइफल
  •  2 नग .303 राइफल
  •  1 नग कार्बाइन
  •  1 नग BGL लॉन्चर व BGL सेल
  •  विस्फोटक सामग्री
  • वायरलेस सेट, स्कैनर, मल्टीमीटर
  • माओवादी साहित्य, वर्दी, मेडिकल सामग्री

सहित बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद की गई है।

बस्तर आईजीपी की अपील

आईजीपी बस्तर सुंदरराज पी. ने कहा कि लगातार आसूचना आधारित अभियानों और जनता के सहयोग से माओवादी नेटवर्क कमजोर हुआ है, शेष बचे अन्य कैडरों से अपील की वे हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करें और शांति एवं विकास का मार्ग अपनाएं। अन्यथा, बस्तर में स्थाई शांति सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बल कानून के अनुसार सख्त एवं निर्णायक कार्रवाई करने के लिए पूर्णतः तैयार हैं।

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