हाईकोर्ट के आदेश का हवाला : बीजापुर में शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के पदोन्नति वेतनमान आवेदन निरस्त

जिला पंचायत ने सभी अभ्यावेदन अमान्य घोषित किए, शिक्षाकर्मियों को बड़ा झटका
बीजापुर (हिन्दसत्)। कार्यालय जिला पंचायत बीजापुर द्वारा शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारियों को बड़ा झटका लगा है। माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा प्रकरण WP(S) No.11009/2025 में पारित आदेश के अनुपालन में जिला पंचायत ने शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत पदोन्नति वेतनमान से संबंधित सभी अभ्यावेदनों को अमान्य घोषित कर दिया है।

जिला पंचायत बीजापुर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि उच्च न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता स्कूल शिक्षा विभाग के नियमित शिक्षक नहीं हैं, बल्कि वे पंचायत राज अधिनियम 1993 के अंतर्गत गठित पृथक संवर्ग के शिक्षाकर्मी हैं। केवल पदनाम परिवर्तन (Assistant Teacher Panchayat, Teacher Panchayat, Lecturer Panchayat) के आधार पर उन्हें स्कूल शिक्षा विभाग के शिक्षकों के समकक्ष नहीं माना जा सकता।
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे कर्मचारी दिनांक 10 मार्च 2017 के परिपत्र में निर्धारित पात्रता मापदंडों को पूर्ण नहीं करते, जिसके कारण न्यायालय द्वारा संबंधित याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।
उच्च न्यायालय के आदेश के आधार पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत बीजापुर द्वारा शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के कर्मचारियों के पदोन्नति वेतनमान से संबंधित सभी आवेदनों को निरस्त करने का आदेश जारी किया गया है।
इस आदेश की प्रतिलिपि शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, पंचायत संचालनालय, संभाग आयुक्त बस्तर, कलेक्टर बीजापुर सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को सूचनार्थ प्रेषित कर दी गई है।

