जगद्गुरु शंकराचार्य को स्नान से रोकना भाजपा का हिन्दू विरोधी चरित्र – लालू राठौर

कांग्रेस नेता का आरोप शंकराचार्य का अपमान, सनातन धर्म का अपमान
बीजापुर(हिन्दसत)। प्रयागराज माघ मेले में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को शाही स्नान से रोके जाने एवं उनके साथ किए गए दुर्व्यवहार की जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने कड़ी निंदा की है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष लालू राठौर ने जारी प्रेस बयान में कहा कि स्वयं को हिंदुओं का मसीहा बताने वाली भाजपा सरकार आज हिंदू संतों का ही अपमान कर रही है। शंकराचार्य जी को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है और वे पिछले 60 घंटे से अनशन पर बैठे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक संवाद का कोई प्रयास नहीं किया गया है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। शंकराचार्य का अपमान पूरे सनातन धर्म का अपमान है।
उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं। यह पहली बार है जब उन्हें इस अखंड परंपरा से रोका गया। मौनी अमावस्या का शाही स्नान सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे न मुगलों ने रोका और न अंग्रेजों ने, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे बाधित कर सनातन परंपरा का अपमान किया है।

लालू राठौर ने आरोप लगाया कि शंकराचार्य के समर्थकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया, शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा गया और उन्हें पालकी तक जाने से भी रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को जेड-प्लस सुरक्षा दी जाती है, तो शंकराचार्य जैसे महान संत के साथ ऐसा व्यवहार क्यों?
कांग्रेस नेता ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी का ‘अपराध’ केवल इतना है कि वे सरकार की कमियों पर सवाल उठाते हैं, अयोध्या में अधूरे मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा पर आपत्ति जताते हैं, महाकुंभ की अव्यवस्थाओं और कोविड काल में गंगा में तैरती लाशों जैसे मुद्दों पर सच बोलते हैं। इसी कारण भाजपा सरकार उन्हें निशाना बना रही है।


