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सर्पदंश से सुरक्षा की पाठशाला: विद्यार्थियों को मिला सांप संरक्षण और जीवनरक्षा का वैज्ञानिक ज्ञान

आत्मानंद स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम, 500 से अधिक छात्र-छात्राओं ने लिया प्रशिक्षण

बीजापुर (हिन्दसत)। जिले में बढ़ती सर्पदंश की घटनाओं को देखते हुए स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बीजापुर में नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी और वन विभाग बीजापुर के संयुक्त तत्वावधान में सांप संरक्षण एवं सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मद्रास क्रोकोडाइल बैंक ट्रस्ट और यूएसवी प्राइवेट लिमिटेड (CSR इनिशिएटिव) सहयोगी संस्था के रूप में शामिल रहे।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों और आम नागरिकों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार और सांपों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी द्वारा जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में लगातार इस तरह के जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

 

विशेषज्ञों ने दिया वैज्ञानिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण

कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ एम. सूरज, शांति लाल वर्मा और मोईज अहमद ने विद्यार्थियों को सांपों की पारिस्थितिकी में भूमिका, विभिन्न प्रजातियों की पहचान, सुरक्षित रेस्क्यू प्रक्रिया, सर्पदंश की स्थिति में त्वरित प्राथमिक उपचार तथा सांपों से जुड़ी भ्रांतियों के वैज्ञानिक तथ्यों के साथ निराकरण पर विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि अधिकांश सांप विषहीन होते हैं और केवल जानकारी के अभाव में लोग भय के कारण गलत कदम उठा लेते हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ती हैं।

300 से अधिक छात्रों की रही सहभागिता

अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लगभग 300 छात्र-छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य अमित गांधरला की अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर देवानंद साहू, मनोज हल्लूर, सुजीत मिश्रा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

हिंदी माध्यम विद्यालय में भी जागरूकता सत्र

इसी क्रम में स्वामी आत्मानंद शासकीय हिंदी माध्यम विद्यालय, बीजापुर में भी जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। यहां प्राचार्या सरिता दुब्बा, अनिल मिश्रा और लक्ष्मण दास मानिकपुरी की उपस्थिति में कक्षा 9वीं और 11वीं के लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। यहां अधिकांश विद्यार्थी जिले के वनांचल और बीहड़ क्षेत्रों से थे, जहां सर्पदंश का खतरा अधिक रहता है।

मानव–वन्यजीव संघर्ष कम करने का संदेश

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में सांपों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने, मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने और आपात स्थिति में सही, सुरक्षित और वैज्ञानिक व्यवहार अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।

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