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उसूर–पेरमपल्ली सड़क के मेंटेनेंस कार्य पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने जताई गुणवत्ता को लेकर चिंता, विभाग ने दी सफाई

बीजापुर (हिन्दसत)। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत उसूर से पेरमपल्ली तक निर्मित सड़क पर चल रहे मरम्मत कार्य को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत अपेक्षित तकनीकी मानकों के अनुसार नहीं हो रही, जिससे इसकी गुणवत्ता और टिकाऊपन पर संदेह पैदा हो गया है।

ग्रामीणों के अनुसार कुछ स्थानों पर सड़क पर केमिकल डालकर ऊपर से सीमेंट का छिड़काव किया जा रहा है, जिससे सड़क कुछ समय के लिए साफ और चमकदार तो दिखाई देती है, लेकिन कुछ दिनों में परत उखड़ जाती है और स्थिति पहले जैसी हो जाती है। उनका कहना है कि गड्ढों की समुचित मरम्मत, लेयर सुधार और मजबूतीकरण जैसे जरूरी कार्य पर्याप्त रूप से नहीं किए जा रहे।

गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर चिंता

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि मरम्मत कार्य इसी तरह चलता रहा तो सड़क की उम्र कम हो सकती है।

ग्रामीणों के अनुसार “मरम्मत से सड़क मजबूत होनी चाहिए, लेकिन फिलहाल ज्यादा फर्क नजर नहीं आ रहा।” इसके साथ ही कई लोगों ने यह भी बताया कि सीमेंट और केमिकल के कारण कुछ स्थानों पर सड़क फिसलन भरी हो गई है, जिससे विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम बढ़ गया है।

पीएमजीएसवाई के उद्देश्यों से जुड़ी अपेक्षाएं

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और टिकाऊ सड़क सुविधा उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों का कहना है कि वे चाहते हैं कि कार्य उसी गुणवत्ता के साथ हो, जिसके लिए यह योजना बनाई गई है। उनका मानना है कि समय रहते यदि निगरानी और सुधार नहीं हुआ तो आगे चलकर सड़क की स्थिति और खराब हो सकती है।

विभाग का पक्ष

इस संबंध में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यपालन अभियंता नवीन टोंडे ने बताया कि संबंधित ठेकेदार द्वारा मानकों की अवहेलना किए जाने पर उसे मरम्मत कार्य से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा “यदि इसके बाद भी ठेकेदार द्वारा कुछ कार्य किया जा रहा है तो इसकी जानकारी विभाग को नहीं है और विभाग द्वारा किसी प्रकार का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है।”

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से अपेक्षा जताई है कि सड़क मरम्मत कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए, गुणवत्ता मानकों के अनुसार आवश्यक सुधार कराया जाए और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि सड़क सुरक्षित और टिकाऊ बन सके।

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