पामेड़ अभयारण्य में वन माफिया सक्रिय

अवैध फर्नीचर निर्माण का भंडाफोड़, सागौन लकड़ी और मशीनें जब्त,आरोपी भेजे गए जेल
बीजापुर (हिन्दसत)। पामेड़ अभयारण्य क्षेत्र में वन संपदा की लूट पर वन विभाग ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी कटाई एवं फर्नीचर निर्माण के एक संगठित प्रयास का भंडाफोड़ किया है। धरसावास क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई से वन माफिया में हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना पर पुलिया के नीचे छापा
वन विभाग की संयुक्त टीम ने धरसावास स्कूल के पीछे स्थित पुलिया के नीचे छापा मारकर मौके पर चल रहे अवैध फर्नीचर निर्माण को पकड़ा। जांच में सामने आया कि संरक्षित वन क्षेत्र से काटी गई कीमती सागौन लकड़ी का उपयोग मशीनों के माध्यम से फर्नीचर निर्माण में किया जा रहा था, जो वन अधिनियम का गंभीर उल्लंघन है।

3.652 घन मीटर सागौन लकड़ी जब्त कार्रवाई के दौरान 3.652 घन मीटर सागौन लकड़ी, फर्नीचर निर्माण में प्रयुक्त मशीनें एवं अन्य सामग्री जब्त की गई। मामले में वन अपराध क्रमांक 22180/01 दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया विभागीय सूत्रों के अनुसार इस अवैध गतिविधि से अभयारण्य की वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा था।
वन अधिकारियों ने बताया कि पामेड़ अभयारण्य सहित सभी संरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध कटाई, परिवहन एवं फर्नीचर निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में निगरानी और छापामार कार्रवाई और तेज की जाएगी।
ग्रामीणों ने उठाए सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन परिक्षेत्र अधिकारी का कार्यालय आवापल्ली और बीजापुर में होने के कारण आम लोगों की पहुंच सीमित रहती है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में नियमित गश्त की कमी के कारण वन माफिया को गतिविधियां संचालित करने का अवसर मिलता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निगरानी बढ़ाने और व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की मांग की है।
वन विभाग ने की अपील
वन अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध लकड़ी कटाई या वन संपदा के दुरुपयोग की सूचना तत्काल विभाग या प्रशासन को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।


