बस्तर में आदिवासी धार्मिक शब्द ‘पण्डूम’ के प्रयोग पर विवाद, राज्यपाल सचिवालय ने शासन से मांगी रिपोर्ट

राजभवन के निर्देश के बाद स्पष्ट गाइडलाइन की उम्मीद, सर्व आदिवासी समाज ने बताया सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा
बीजापुर (हिन्दसत)। अनुसूचित क्षेत्र बस्तर में प्रस्तावित एवं आयोजित शासकीय व सामाजिक कार्यक्रमों में आदिवासी धार्मिक शब्द “पण्डूम” के प्रयोग को लेकर आदिवासी संगठनों द्वारा जताई गई आपत्ति अब राजभवन तक पहुंच गई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्यपाल सचिवालय ने छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।

राज्यपाल के अवर सचिव द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि बस्तर संभाग के प्रमुख आदिवासी संगठनों संभागीय धुरवा समाज, सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग एवं सर्व आदिवासी समाज दंतेवाड़ा द्वारा अलग-अलग ज्ञापनों के माध्यम से “पण्डूम” शब्द के प्रयोग पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। संगठनों का कहना है कि यह शब्द आदिवासी समाज की पारंपरिक धार्मिक आस्था, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है, जिसका प्रयोग समुदाय की सहमति के बिना करना संवैधानिक एवं सांस्कृतिक अधिकारों का उल्लंघन है।
ज्ञापनों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत आदिवासी समाज की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा संविधान की पांचवीं अनुसूची के तहत सुनिश्चित की गई है। ऐसे में किसी भी शासकीय कार्यक्रम, प्रचार सामग्री या सार्वजनिक आयोजन में आदिवासी धार्मिक शब्दों का प्रयोग उनकी भावना, परंपरा और स्वीकृति के अनुरूप ही किया जाना चाहिए।
राज्यपाल सचिवालय ने शासन से अपेक्षा की है कि ज्ञापनों में वर्णित तथ्यों पर नियमानुसार शीघ्र आवश्यक कार्यवाही की जाए तथा की गई कार्यवाही की जानकारी संबंधित आवेदकों के साथ-साथ राजभवन को भी उपलब्ध कराई जाए।
इस पत्र की प्रतिलिपि संबंधित आदिवासी संगठनों के पदाधिकारियों को भी सूचना के लिए भेजी गई है। प्रशासनिक हलकों में माना जा रहा है कि राजभवन के इस हस्तक्षेप के बाद बस्तर अंचल में आदिवासी धार्मिक शब्दों, प्रतीकों और परंपराओं के प्रयोग को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
सर्व आदिवासी समाज बीजापुर के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने कहा कि यह पहल आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



