माहरा आदिवासी समाज के संस्थापक सदस्य दादा बंगा राम बघेल को दी गई श्रद्धांजलि

ग्राम केशलुर (चालकीगुड़ा) में सामाजिक परंपरा अनुसार सम्पन्न हुआ दस गात्र कार्यक्रम
जगदलपुर/केशलूर। माहरा आदिवासी समाज के संस्थापक सदस्य एवं वरिष्ठ समाजसेवी दादा स्वर्गीय बंगा राम बघेल (बी.आर. बघेल) का 22 जनवरी 2026 को स्वर्गवास हो गया। उनके निधन से माहरा आदिवासी जनजाति समुदाय में शोक की लहर है। समाज ने इसे समुदाय के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।

दिवंगत दादा बंगा राम बघेल के निधन के पश्चात आज 06 फरवरी 2026 को ग्राम केशलुर (चालकीगुड़ा) स्थित उनके निज निवास पर सामाजिक रीति-रिवाज, रूढ़ी-प्रथा एवं परंपरा के अनुसार दस गात्र क्रियाक्रम सम्पन्न किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में समाजजन और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समाज के लिए प्रेरणास्रोत रहा योगदान
श्रद्धांजलि सभा के दौरान माहरा आदिवासी समाज के अध्यक्ष महेश स्वर्ण ने अपने संबोधन में कहा कि दादा बी.आर. बघेल जी ने अपने पूरे जीवन में समाज की एकता, परंपरा, संस्कृति संरक्षण एवं अधिकारों के लिए निरंतर कार्य किया। उन्होंने समाज को संगठित करने और सामाजिक चेतना जागृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महेश स्वर्ण ने कहा कि दादा बघेल का जीवन संघर्ष, सेवा और समाजहित की भावना का प्रतीक रहा है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेगा।
परिवार को दी संवेदना
इस अवसर पर माहरा आदिवासी समाज ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति एवं परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित समाजजनों ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया।




