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कोरंडम खदान की पर्यावरण स्वीकृति पर विधायक विक्रम मंडावी ने जताई आपत्ति

कुचनूर कोरंडम खदान को बिना ग्राम सभा और जनसुनवाई के पर्यावरण स्वीकृति देना चिंताजनक – विक्रम मंडावी

बीजापुर (हिन्दसत)। बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने बुधवार को भोपालपटनम रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजापुर जिले के ग्राम कुचनूर (तहसील भोपालपटनम) में स्थित कोरंडम खदान को पर्यावरण स्वीकृति देकर आदिवासियों के अधिकारों पर सीधा हमला किया है। उन्होंने कहा कि ग्राम कुचनूर के खसरा नंबर 826, रकबा 3.70 हेक्टेयर भूमि पर स्थित इस खदान के लिए छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CMDC) को 1.0 टन प्रतिवर्ष क्षमता की पर्यावरण स्वीकृति दे दी गई है।

 

विधायक ने बताया कि यह स्वीकृति राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (SEIAA) द्वारा पत्र क्रमांक SEIAA/C.G./Mines/520996/2025 दिनांक 20.12.2025 के माध्यम से जारी की गई है।

विक्रम मंडावी ने इस निर्णय को जनता विरोधी बताते हुए कहा कि यह फैसला आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।

प्रेस वार्ता में विधायक मंडावी ने आरोप लगाया कि पेसा एक्ट (PESA), पंचायत राज अधिनियम और वन अधिकार अधिनियम के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी खनन परियोजना के लिए ग्राम सभा की अनुमति और सहमति अनिवार्य होती है। लेकिन इस मामले में न तो ग्राम सभा से कोई परामर्श लिया गया, न पंचायतों को जानकारी दी गई और न ही कोई जनसुनवाई कराई गई। उन्होंने इसे आदिवासी समाज के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताया।

विक्रम मंडावी ने कहा कि पर्यावरण स्वीकृति की प्रक्रिया में जनसुनवाई (Public Hearing) अनिवार्य होती है, ताकि स्थानीय लोग अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज कर सकें, लेकिन इस खदान के मामले में पूरी प्रक्रिया को “चुपके-चुपके” पूरा किया गया। उन्होंने कहा कि बिना स्थानीय लोगों की सहमति के इस तरह की स्वीकृति देना संविधान की पांचवी अनुसूची, पंचायती राज व्यवस्था और लोकतंत्र की भावना का अपमान है।

विधायक ने आगे कहा कि बीजापुर जिला आदिवासी बहुल है और अबूझमाड़ क्षेत्र से लगा हुआ है, जहां के लोग पूरी तरह जल, जंगल और जमीन पर निर्भर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन की भाजपा सरकार विकास के नाम पर बस्तर के आदिवासियों को उनके संसाधनों से बेदखल करने का षड्यंत्र कर रही है।

इस मामले में विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार से मांग की कि कुचनूर कोरंडम खदान की पर्यावरण स्वीकृति तत्काल रद्द की जाए, ग्राम सभा की बैठक बुलाकर उनकी सहमति ली जाए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से दोबारा शुरू की जाए, जिसमें जनसुनवाई अनिवार्य हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने आदिवासियों के अधिकारों का सम्मान नहीं किया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन किया जाएगा।

प्रेस वार्ता के दौरान बसंत राव ताटी (पूर्व सदस्य जिला पंचायत बीजापुर), कामेश्वर गौतम (पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत भोपालपटनम), वल्वा मदनैया, रमेश पामभोई, अरुण वासम, मिच्चा सम्मैया, विजार खान, चलपत उद्दे, नरेन्द्र मट्टी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

 

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