पुलवामा हमले की 7वीं बरसी पर सीआरपीएफ 219 बटालियन इंजरम मुख्यालय में शहीदों को श्रद्धांजलि

40 वीर जवानों के बलिदान को याद कर जवानों ने लिया आतंकवाद के खात्मे और देश की सुरक्षा का संकल्प
सुकमा(शेख मकबूल)। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में तैनात सीआरपीएफ के 219 बटालियन इंजरम में पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी पर देश के लिए बलिदान देने वाले 40 बहादुर शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का आयोजन कर्मवीर सिंह यादव, द्वितीय कमान अधिकारी (कमाण्डेन्ट-ए.ओ.एल) के नेतृत्व में किया गया।

इस अवसर पर सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीदों के नाम अंकित शिलाखंड पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया। बल के जवानों ने ‘शोक शस्त्र’ की मुद्रा में खड़े होकर शहीदों को सम्मान दिया और दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
‘शोक शस्त्र’ के साथ जवानों ने दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान जवानों ने राष्ट्र सेवा में शहीद हुए वीर जवानों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए अनुशासन और गरिमा के साथ श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही सभी रैंक के अधिकारियों एवं जवानों ने आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने तथा आतंकवाद के समूल नष्ट करने की शपथ ली।
शहीदों का बलिदान प्रेरणा का स्रोत
इस अवसर पर कमाण्डेन्ट-ए.ओ.एल ने अपने संदेश में कहा कि “पुलवामा के शहीदों का बलिदान सी.आर.पी.एफ. के गौरवशाली इतिहास का एक अभिन्न अंग है। उनकी वीरता हमें यह याद दिलाती है कि राष्ट्र की सुरक्षा की कीमत क्या है। हम न केवल उन्हें याद करते हैं, बल्कि उनके परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराते हैं।”
उन्होंने कहा कि 14 फरवरी केवल एक दुखद दिन नहीं, बल्कि यह जवानों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक है। सीआरपीएफ ने दोहराया कि बल अपने आदर्श वाक्य ‘सेवा और निष्ठा’ के अनुरूप देश की अखंडता और आंतरिक सुरक्षा की रक्षा के लिए हर समय तत्पर है।
कार्यक्रम में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
श्रद्धांजलि समारोह में प्रमुख रूप से—
• अनुराग राज (द्वितीय कमान अधिकारी)
• कानाराम चौधरी (सहायक कमाण्डेन्ट)
• डॉ. मोहम्मद इब्राहिम (वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी)
सहित अन्य अधीनस्थ अधिकारी एवं सभी कार्मिक विभाग मौजूद थे।


