विकास की खुलने लगी परतें: सोशल ऑडिट से बचने वाले पंचायत कर्मियों पर कार्रवाई, 20 पंचायतों से वसूली

एसडीएम की अध्यक्षता में निकासी बैठक सम्पन्न, 5 रोजगार सहायक व 1 तकनीकी सहायक पर अर्थदंड
बीजापुर (हिन्दसत)। जनपद पंचायत बीजापुर में सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) के माध्यम से विकास कार्यों की परतें खुलने लगी हैं। महात्मा गांधी नरेगा योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक ग्राम पंचायतों में हुए कार्यों के सामाजिक अंकेक्षण में सामने आई अनियमितताओं को लेकर शनिवार को जनपद पंचायत बीजापुर के सभाकक्ष में एसडीएम बीजापुर जागेश्वर कौशल की अध्यक्षता में जन सुनवाई हेतु निकासी बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जनपद क्षेत्र की 26 पंचायतों में सोशल ऑडिट के दौरान पाई गई आपत्तियों और अनियमितताओं के निराकरण पर चर्चा कर कार्रवाई की गई। इस दौरान लगभग 20 पंचायतों से वसूली की गई, वहीं 5 रोजगार सहायकों तथा 1 तकनीकी सहायक पर अर्थदंड आरोपित किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वसूली राशि एक पंचायत में 623 रुपये से 5000 रुपये तक रही। वहीं प्रकरण के अनुसार अर्थदंड की राशि 200 रुपये से 1000 रुपये तक निर्धारित की गई है।
इन पंचायतों से हुई वसूली
वसूली की गई 20 ग्राम पंचायतों में नैमेड, तुमनार, पापनपाल, मिडते, चेरपाल, मुसालूर, दुगोली, बोरजे, धनोरा, कैका, ईटपाल, मनकेली, कान्दुलनार, गंगालूर, कमकानार, चिन्नाकवाली, मोरमेड़, तोयनार, संतोषपुर और पेदाकोडेपाल शामिल हैं।

दो विभागों को चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश
सोशल ऑडिट टीम द्वारा बैठक में बताया गया कि ग्राम पंचायत चिन्नाकवली में उद्यानिकी विभाग द्वारा कराए गए कार्यों में सोशल ऑडिट के दौरान आपत्तियां पाई गई हैं। निराकरण हेतु संबंधित विभाग को लगातार पत्राचार किए जाने के बावजूद विभागीय स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है।
इसी प्रकार कृषि विभाग के कार्यों में भी सोशल ऑडिट प्रक्रिया में सहयोग नहीं मिलने की बात सामने आई। इस पर एसडीएम बीजापुर जागेश्वर कौशल ने दोनों विभागों के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर ऑडिट से जुड़े समस्त अभिलेख जमा कराएं तथा सोशल ऑडिट कार्य में पूर्ण सहयोग करें। अन्यथा संबंधित कार्यों की समस्त राशि वसूली की कार्रवाई करते हुए चेतावनी पत्र जारी किया जाएगा।
इस बैठक में उपसंचालक पंचायत हिमांशु साहू, सहायक परियोजना अधिकारी मनीष सोनवानी, कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र गवेल, पंचायतों के तकनीकी सहायक, सरपंच-सचिव एवं रोजगार सहायक मौजूद थे।



