50 वर्षों की सेवा के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नहीं मिला सम्मानजनक वेतन

शासकीयकरण, न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदेशभर में दो दिवसीय हड़ताल
बीजापुर (हिन्दसत)। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संयुक्त मंच के आह्वान पर 26 और 27 फरवरी 2026 को प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्य बहिष्कार कर धरना-रैली आयोजित की गई। कार्यकर्ताओं ने केंद्र की महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और राज्य सरकार का ध्यान अपनी लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया।
सांस्कृतिक मैदान में हुई आम सभा और धरना के बाद संयुक्त संघ ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और छत्तीसगढ़ महिला बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका महासंघ के जिला अध्यक्ष रेहाना खान और बस्तर संभाग प्रदेश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिला अध्यक्ष रंभा गागड़ा ने बताया कि आईसीडीएस योजना के 50 वर्ष पूर्ण होने के बावजूद उन्हें मात्र ₹4500 और सहायिकाओं को ₹2250 मानदेय मिल रहा है, जो जीवनयापन के लिए अपर्याप्त है।
संयुक्त मंच ने नरेन्द्र मोदी और विष्णु देव साय से शासकीय कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम वेतन ₹26,000 व ₹22,100 स्वीकृत करने तथा पेंशन, ग्रेच्युटी व समूह बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा देने की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि 8 मार्च तक निर्णय नहीं होने पर 9 मार्च को रायपुर में विधानसभा घेराव किया जाएगा।


