मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर मंगू दादा 17 साथियों संग कर सकता है सरेंडर

दंडकारण्य जोन का अहम सदस्य रहा पापाराव, कई बड़े हमलों में रहा शामिल
बीजापुर (हिन्दसत)। नक्सल विरोधी अभियान के तहत बीजापुर जिले में एक बड़ी सफलता मिलने की संभावना जताई जा रही है। मोस्ट वांटेड नक्सली कमांडर सुन्नम पापाराव उर्फ मंगू दादा (चंद्रन्ना) अपने 17 साथियों के साथ मंगलवार को आत्मसमर्पण कर सकता है।
पापाराव नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DSZC) का सदस्य रहा है। इसके अलावा वह पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज रह चुका है और दक्षिण सब-जोनल ब्यूरो में भी सक्रिय भूमिका निभा चुका है। वह लंबे समय से बीजापुर और सुकमा जिले में सक्रिय रहा है तथा क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों की गहरी जानकारी के कारण कई बार सुरक्षा बलों से बच निकलने में सफल रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पापाराव पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसके खिलाफ कई गिरफ्तारी वारंट भी जारी हैं। वह भैरमगढ़ और पश्चिम बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर हुए कई बड़े हमलों में शामिल रहा है।
केंद्र और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान एवं पुनर्वास नीति का असर अब स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है। हाल के समय में कई बड़े नक्सली या तो मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता अपनाया है।
पापाराव और उसके साथियों का संभावित आत्मसमर्पण बस्तर क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस कदम से अन्य नक्सलियों को भी हिंसा का मार्ग छोड़कर सामान्य जीवन अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।


