धान उठाव में बड़ी लापरवाही, 60 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा धान केंद्रों में खुले आसमान के नीचे

सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने कलेक्टर से की त्वरित हस्तक्षेप की मांग
बीजापुर (हिन्दसत)। जिले में धान उठाव की धीमी रफ्तार अब चिंता का विषय बन गई है। धान उपार्जन केन्द्रों में खुले आसमान के नीचे पड़ा है, जिसकी सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है। सहकारी समिति कर्मचारी संघ, जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़) ने इस गंभीर स्थिति को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

संघ के अनुसार जिले के 30 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 1,10,617.76 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उठाव के लिए 37,166.00 मीट्रिक टन का डी.ओ. और 39,038.00 मीट्रिक टन का परिवहन आदेश जारी किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद अब तक केवल लगभग 45 प्रतिशत धान का ही उठाव हो पाया है।

वर्तमान में 60,395.22 मीट्रिक टन धान उपार्जन केन्द्रों में शेष है, जिसकी सुरक्षा बड़ी चुनौती बन गई है। असामयिक बारिश, दीमक और चूहों के कारण धान को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है, वहीं गुणवत्ता में भी गिरावट देखी जा रही है।
सहकारी समिति कर्मचारी संघ ने बताया कि डी.ओ./टी.ओ. जारी होने के बावजूद महीनों से उठाव लंबित है। केन्द्रों में अंतरजिला से हमालों की व्यवस्था की गई है, लेकिन वाहनों की कमी के कारण उठाव प्रभावित हो रहा है। इसके चलते हमालों द्वारा दैनिक मजदूरी की मांग की जा रही है, जिससे अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन रहा है। ।

उन्होंने बताया कि उपार्जन नीति 2025-26 के अनुसार डी.ओ./टी.ओ. जारी होने के 10 दिनों के भीतर धान का उठाव अनिवार्य है, जबकि कंडिका 15.8 के तहत 31 मार्च तक सम्पूर्ण उठाव किया जाना है। वर्तमान हालात को देखते हुए यह लक्ष्य अधूरा रह सकता है।
संघ ने मांग की है कि कलेक्टर तत्काल हस्तक्षेप करते हुए जिला विपणन अधिकारी को निर्देशित करें, ताकि टी.ओ./डी.ओ. के माध्यम से धान का त्वरित उठाव सुनिश्चित हो सके और नुकसान से बचाव किया जा सके।
इस दौरान संघ के अध्यक्ष अलमरान ख़ान, उपाध्यक्ष योगेश शर्मा, सचिव संदीप साहू, भास्कर वेमूला, टी. हरीश, जी. प्रसाद, हिडमा राम, विक्रम गड़पा, कौशल कश्यप सहित संघ के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।



