संगमपल्ली में प्रस्तावित शराब दुकान पर बवाल: 5वीं अनुसूची का हवाला देकर ग्रामीणों का विरोध

ग्राम सभा के बिना फर्जी प्रस्ताव का आरोप, उपसरपंच बोलीं– नियमों की खुली अनदेखी; कलेक्टर से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
बीजापुर(हिन्दसत)।भोपालपटनम विकासखंड के संगमपल्ली गांव एवं ग्राम पंचायत में प्रस्तावित शासकीय विदेशी मदिरा दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोमवार को कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और प्रस्ताव को निरस्त करने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच और पंचायत सचिव द्वारा ग्राम सभा आयोजित किए बिना ही शराब दुकान खोलने के लिए फर्जी प्रस्ताव तैयार किया गया है। उनका कहना है कि इस अहम निर्णय में ग्रामवासियों की सहमति नहीं ली गई, जो पंचायत व्यवस्था और कानून का उल्लंघन है।
उपसरपंच सरस्वती सोढ़ी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगमपल्ली 5वीं अनुसूची क्षेत्र में आता है, जहां ग्राम सभा की सहमति अनिवार्य होती है। इसके बावजूद ग्राम सभा अध्यक्ष, पंचों और सदस्यों को बिना जानकारी दिए ही सरपंच और सचिव द्वारा मदिरा दुकान के लिए प्रस्ताव तैयार कर दिया गया, जो पूरी तरह से नियमों के विपरीत है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि गांव में शराब दुकान खोली गई तो इससे शराबखोरी बढ़ेगी, सामाजिक ताना-बाना बिगड़ेगा और हिंसा की घटनाओं में इजाफा हो सकता है। साथ ही उन्होंने पंचायत क्षेत्र और जमीन पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी भी स्थिति में शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे ग्रामीणों में उप सरपंच सरस्वती सोढ़ी, वल्वा किशन, वल्वा विनोदा, सोढ़ी गौरैया, गणपत, वल्वा बकैया, पूर्व सरपंच सुनील उद्दे सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष ग्रामीण शामिल रहे।



