नयापारा में 85वीं बटालियन सीआरपीएफ ने श्रद्धा के साथ मनाया शौर्य दिवस

शहीदों को दी श्रद्धांजलि, जवानों के उत्साहवर्धन हेतु खेल व सैनिक सम्मेलन आयोजित
बीजापुर (हिन्दसत)। नक्सल मोर्चे पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की नयापारा स्थित 85वीं बटालियन में 9 अप्रैल को शौर्य दिवस श्रद्धा एवं गरिमा के साथ मनाया गया। यह दिवस बल के वीर जवानों के अदम्य साहस, पराक्रम और सर्वोच्च बलिदान की स्मृति को समर्पित रहा।
कार्यक्रम के दौरान 9 अप्रैल 1965 की ऐतिहासिक घटना को याद किया गया, जब सीआरपीएफ की एक छोटी टुकड़ी ने गुजरात के कच्छ के रण स्थित सरदार पोस्ट पर पाकिस्तानी सेना के हमले का डटकर मुकाबला करते हुए असाधारण वीरता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया था। इस वीरता ने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सीआरपीएफ के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा।

इस अवसर पर बटालियन मुख्यालय में शहीदों के सम्मान में श्रद्धांजलि सभा एवं पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों एवं जवानों ने शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके बलिदान को स्मरण किया और देश सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में द्वितीय कमान अधिकारी पवन कुमार एवं सुरेश ओराम सहित समस्त अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारीगण और जवान उपस्थित रहे। इसके पश्चात सैनिक सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें जवानों को संबोधित करते हुए अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और पेशेवर उत्कृष्टता बनाए रखने पर बल दिया गया।

शौर्य दिवस के उपलक्ष्य में जवानों के उत्साहवर्धन के लिए वॉलीबॉल मैच का आयोजन भी किया गया, जिसमें जवानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं रात्रि में बड़े खाने का आयोजन किया गया, जिसमें सभी अधिकारीगण, अधीनस्थ अधिकारीगण एवं जवान शामिल हुए। इससे आपसी भाईचारे और उत्साह का वातावरण बना रहा।
द्वितीय कमान अधिकारी पवन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि सीआरपीएफ के जवान हर परिस्थिति में देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा कि नक्सल मोर्चे पर तैनात जवान हों, आंतरिक सुरक्षा ड्यूटी हो या चुनाव संबंधी दायित्व—हर परिस्थिति में बल के जवान पूरी निष्ठा और साहस के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं।
शौर्य दिवस का यह आयोजन बल के प्रत्येक सदस्य को राष्ट्र सेवा के प्रति और अधिक समर्पण, साहस और निष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।




