RTI खुलासे से शिक्षा विभाग में हड़कंप!
पूर्व DEO पर नियमों को ताक में रखकर निजी स्कूलों को मान्यता देने के आरोप, सरकारी जमीनों पर स्कूल संचालन का मामला भी गरमाया

बीजापुर (हिन्दसत)। जिले में निजी शिक्षण संस्थानों की मान्यता प्रक्रिया को लेकर सूचना का अधिकार (RTI) से हुए खुलासों के बाद शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में आ गया है। सूत्रों के अनुसार तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद पर नियमों को दरकिनार कर कुछ निजी शिक्षण संस्थाओं को तीन वर्षों की मान्यता देने के आरोप लग रहे हैं।
सूचना का अधिकार (RTI) दस्तावेजों में कई संस्थानों द्वारा अध्यापन कक्ष, शौचालय, खेल मैदान, पुस्तकालय और फायर सेफ्टी जैसी सुविधाओं को लेकर भ्रामक जानकारी दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ विद्यालयों में मौके की स्थिति और दस्तावेजों में भारी अंतर होने के आरोप हैं। एक धर्मशाला भवन में संचालित स्कूल द्वारा भी पूर्ण सुविधाओं का दावा किए जाने से मामला और गंभीर हो गया है।
इधर वर्तमान जिला शिक्षा अधिकारी लखनलाल धनेलिया ने कहा है कि जल्द जांच कमेटी गठित कर ऐसे विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
मामले को और तूल तब मिला जब पिछले दिनों पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति सभापति कमलेश कारम ने कुछ निजी शिक्षण संस्थाओं पर सरकारी जमीनों पर कब्जा कर संचालन किए जाने के आरोप लगाए थे। अब सूचना का अधिकार (RTI) से सामने आए खुलासों के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और मान्यता प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों ने जिले के सभी निजी विद्यालयों का संयुक्त भौतिक सत्यापन कराने तथा नियमों के विपरीत मान्यता लेने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।


