भैरमगढ़ ब्लॉक के झिल्ली घाट पर नाव पलटने से बड़ा हादसा, चार लोगों की मौत

दो शव बरामद, दो की तलाश जारी; मृतकों में महिला, मासूम बच्चा और किशोरी शामिल
बीजापुर/भैरमगढ़ (श्रीनिवास झाड़ी)। भैरमगढ़ ब्लॉक के उसपरी–झिल्ली घाट पर बुधवार शाम करीब 4 बजे नाव पलटने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। नाव में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से चार नदी में डूब गए, जबकि दो लोगों को ग्रामीणों ने समय रहते बचा लिया।

जानकारी के अनुसार ग्राम बोड़गा (पंचायत इतामपर) निवासी एक परिवार के छह सदस्य उसपरी बाजार से झिल्ली की ओर नाव से जा रहे थे। इसी दौरान नदी के बीच नाव असंतुलित होकर पलट गई और यह हादसा हो गया।

दो शव बरामद, दो की तलाश जारी
घटना के बाद गुरुवार सुबह करीब 10 बजे, घटनास्थल से लगभग 700 मीटर नीचे से दो शव बरामद किए गए, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए भैरमगढ़ अस्पताल भेजा गया है।
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है —
- पोदिये वेको, पति सन्नू वेको, उम्र लगभग 25 वर्ष
- राकेश वेको, पिता सन्नू वेको, उम्र 1 वर्ष शामिल है,
जबकि अब भी जिनके शव बरामद नहीं हो सके हैं —
- भादू वेको, पिता मड्डा, उम्र लगभग 50 वर्ष
- सुनीता कोवासी, पिता आसी, उम्र लगभग 12 वर्ष शामिल हैं।
रेस्क्यू अभियान जारी, SDRF और नगर सेना मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग, नगर सेना और SDRF की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। देर शाम तक शव बरामद नहीं होने पर तलाश अभियान अस्थायी रूप से रोका गया, जिसे शुक्रवार सुबह पुनः शुरू किया जाएगा। दोनों टीमें फिलहाल तहसील भैरमगढ़ में तैनात हैं।
हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर मौजूद रहे और प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग कर रहे हैं।
घाट पहुंचकर विधायक विक्रम मंडावी ने परिजनों को बंधाया ढांढस
उसपरी–झिल्ली घाट पर नाव पलटने की घटना के बाद हालात का जायजा लेने विधायक विक्रम मंडावी बुधवार सुबह ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति की जानकारी ली और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से बचाव कार्यों की प्रगति पर चर्चा की।
इसके बाद विधायक पीड़ित परिवारों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं ताकि लापता लोगों का जल्द पता लगाया जा सके।
विधायक मंडावी ने कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इंद्रावती नदी पर सुरक्षित यातायात और नाव संचालन के लिए स्थायी एवं ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


