दो नदियां पार कर सुदूर गांवों तक पहुंचे कलेक्टर, बारिश में छाते के नीचे लगाई जनचौपाल
जमीन पर बैठकर सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, 3 दिन में बिजली और 45 दिन में वनाधिकार पट्टे देने का भरोसा

सुकमा (हिन्दसत)। नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शुक्रवार को उस समय प्रशासन का मानवीय चेहरा देखने को मिला, जब कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर दो नदियां पार कर गुमोड़ी, कोंडासावली और तारलागुड़ा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच जमीन पर बैठकर जनचौपाल लगाई और उनकी समस्याएं सुनीं।
गुमोड़ी पंचायत में इमली के पेड़ की छांव तले आयोजित चौपाल में कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता भुगतान, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की जानकारी ली। जमीन संबंधी दस्तावेज गुम होने की शिकायत मिलने पर उन्होंने विशेष राजस्व शिविर लगाकर नए दस्तावेज तैयार कराने के निर्देश दिए। साथ ही गांव में बिजली, सड़क और पुलिया निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
प्राथमिक शाला निरीक्षण के दौरान बच्चों ने गिनती और एबीसीडी सुनाई, जिससे प्रभावित होकर कलेक्टर ने स्कूल परिसर में पेवर ब्लॉक, बाउंड्रीवाल और नए रसोईघर निर्माण को मंजूरी दी।

कोंडासावली गांव में चौपाल के दौरान तेज बारिश शुरू हो गई, लेकिन चर्चा का सिलसिला नहीं रुका। ग्रामीणों की बिजली संबंधी शिकायत पर कलेक्टर ने अधिकारियों को तीन दिन के भीतर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। वहीं पात्र परिवारों को 45 दिनों के भीतर वनाधिकार पट्टे उपलब्ध कराने के लिए शिविर आयोजित करने की घोषणा की।
उपस्वास्थ्य केंद्र कोंडासावली के निरीक्षण में ग्रामीणों की मांग पर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य केंद्र में योगा शेड, पेवर ब्लॉक रैंप, सोकपीट निर्माण और अन्य सुविधाओं के विकास को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
तारलागुड़ा में निर्माणाधीन सुशासन परिसर के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए 108 एंबुलेंस सेवा की सक्रियता की मौके पर जांच की। उन्होंने एक ग्रामीण से स्वयं 108 पर कॉल करवाया और सेवा की प्रतिक्रिया का परीक्षण किया। इसी दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना के दो हितग्राहियों ने खाते में राशि नहीं पहुंचने की शिकायत की, जिस पर तत्काल जांच कर तकनीकी समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए।
लगातार बारिश के बीच संपन्न हुए इस दौरे ने ग्रामीणों और प्रशासन के बीच संवाद और विश्वास को मजबूत किया। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि सुशासन परिसर के पूर्ण होने के बाद वे दोबारा क्षेत्र का दौरा कर विकास कार्यों और सुविधाओं की समीक्षा करेंगे।



