हर्षोल्लास पूर्वक मनाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती, निकाली गई भव्य रैली, हुई आमसभा
शिक्षित और संगठित होंगे तो अपने अधिकार मिलेंगे – महेश गागड़ा

बाबा साहब के बताए रास्ते से शोषित-पीड़ित समाज का होगा उद्धार – विक्रम मंडावी
बीजापुर (हिन्दसत)। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती जिले में सर्व समाज द्वारा हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लेकर बाबा साहब के योगदान को याद किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद भव्य रैली निकाली गई, जिसमें डीजे की धुन पर थिरकते हुए लोगों ने नगर के प्रमुख मार्गों से भ्रमण किया। रैली में युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। रैली के पश्चात आयोजित आमसभा में वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक एकता, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक जागरूकता पर विस्तार से अपने विचार रखे। इस दौरान जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों, समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में समाज का नाम रोशन करने वाले युवाओं को सम्मानित किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि बाबा साहब ने समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष का मंत्र दिया है। यदि समाज शिक्षित और संगठित होगा, तो उसे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की ताकत मिलेगी और अधिकार स्वतः प्राप्त होंगे। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने और सामाजिक समरसता बनाए रखने का आह्वान किया।

बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान के माध्यम से शोषित और वंचित समाज को समान अधिकार दिलाने का काम किया। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही समाज का वास्तविक उत्थान संभव है। उन्होंने युवाओं से समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने और जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
कार्यक्रम में कैलाश रामटेके, आर.डी. झाड़ी और डी. नागेश ने बाबा साहब के जीवन संघर्ष, शिक्षा के महत्व और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। वहीं कमलेश पैंकरा, अमित कोरसा और अशोक तालांडी ने पांचवीं अनुसूची, पेशा कानून तथा आदिवासी क्षेत्रों में संवैधानिक अधिकारों को लेकर विस्तार से जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इन प्रावधानों के माध्यम से स्थानीय समुदाय को अपने संसाधनों और परंपराओं की रक्षा का अधिकार मिलता है तथा जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
कार्यक्रम को हीर चंद्रशेखर, दीप्ति झाड़ी और आदित्य झाड़ी ने भी संबोधित करते हुए शिक्षा और सामाजिक संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं से बाबा साहब के विचारों को आत्मसात कर समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सर्व समाज के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, युवा, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति के अध्यक्ष सकनी चंद्रैया ने समाज की एकता और बाबा साहब के विचारों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ समापन की घोषणा की। कार्यक्रम का समापन भव्य रैली के साथ हुआ, जिसमें डीजे की धुन पर थिरकते हुए लोगों ने नगर के मुख्य मार्गों का भ्रमण किया और बाबा साहब के जयघोष लगाए।


