दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध की गूंज बीजापुर तक, कांग्रेस ने हाईवे जाम कर फूंका पीएम का पुतला
जंतर-मंतर की घटना और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की उठी मांग

बीजापुर (हिन्दसत)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज और कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर के मध्य स्थित नेशनल हाईवे पर धरना देकर कुछ समय के लिए यातायात बाधित किया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया।

दोपहर के समय बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता नगर के प्रमुख चौक पर एकत्रित हुए और हाथों में तख्तियां एवं बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो”, “पेपर लीक बंद करो”, “तानाशाही नहीं चलेगी” और “लोकतंत्र बचाओ” जैसे नारे लगाए। बाद में कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए, जिससे नेशनल हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। करीब आधे घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झूमाझटकी भी देखने को मिली। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालू राठौर ने कहा कि देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अनेक युवा मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं और कई दुखद घटनाएं भी सामने आई हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही से बच रहे हैं। राठौर ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है और शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए।
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किए जा रहे आंदोलन पर बल प्रयोग करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। मंडावी ने कहा कि संसद के भीतर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है, लेकिन केंद्र सरकार जवाब देने के बजाय दमनात्मक रवैया अपना रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास है। कांग्रेस युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता, रोजगार के अवसरों और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।
प्रदर्शन के समापन पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

इस दौरान पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सुखदेव नाग, जिला पंचायत सदस्य लछुराम मौर्य, जनपद पंचायत अध्यक्ष सोनू पोटाम, जिला महामंत्री पुरुषोत्तम सल्लुर, महिला कांग्रेस अध्यक्ष संजना चौहान, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुनील उद्धे, पूर्व युवा आयोग सदस्य प्रवीण डोंगरे, मजदूर कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, युवा कांग्रेस अध्यक्ष कामेश मोरला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र-युवा एवं स्थानीय नागरिक मौजूद थे।

