छत्तीसगढ

CM के ऐलान के बाद भी छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के विजेता खिलाड़ियों को नहीं मिला पुरस्कार, 1500 से ज्यादा इनाम फाइलों में अटके…..

गरियाबंद। जिले में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक के विजेता खिलाड़ियों को मुख्यमंत्री की दी हुई पारितोषिक अब तक नहीं मिली. मुख्यमंत्री के ऐलान को 7 माह बीत गए हैं,

प्रत्येक जनपद के खाते में 7 लाख 83 हजार रुपए जमा भी करा दिए गए पर गरियाबंद जनपद को छोड़ शेष 4 जनपद में 1500 से ज्यादा खिलाड़ियों के पुरस्कार फाइलों में अटके हैं.

पारंपरिक ग्रामीण खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने सीएम भूपेश बघेल ने 2022 में छत्तीसगढ़िया ओलंपिक की खेल का ऐलान किया.

सितंबर 2022 में गांव-गांव में गठित राजीव मितान क्लब के माध्यम से जनपद प्रशासन की निगरानी में खेल का आयोजन भी कराया गया. ग्राम से जोन, ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर तक इस खेल को चरणबद्ध तरीके से खिलवा कर छत्तीसगढ़िया सीएम ने राज्य का माहौल खेलमय कर दिया.

दिसंबर माह में सीएम ने खेल में स्थान पाए प्रतिभागियों को पुरुस्कार देने का ऐलान किया. जिसमें प्रथम के लिए 1000, द्वितीय 750 रुपए और तृतीय के लिए 500 रुपए देना था.

पुरुस्कार की राशि जनवरी फरवरी में ही खिलाड़ियों को दे दिए जाने थे पर जिम्मेदार अफसरों की अनदेखी के कारण सीएम की रुचि पर पलीता लगा दिया. लिहाजा आज तक जिले के फींगेश्वर, छुरा, मैनपुर और देवभोग जनपद में इसकी राशि खिलाड़ियों को नहीं मिल सकी है.

खाते में जमा होना था पारितोषिक

पुरस्कार की पात्रता सभी स्तर के उन खिलाड़ियों के लिए थी जो प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त कर लिया था. खो खो,कबड्डी, गिल्ली डंडा, भौरा, बांटी समेत 14 प्रकार के खेल खिलाए गए,

जिसे महिला पुरुष के अलावा उम्र के दो दो अलग अलग केटेगिरी में रखा गया था. प्रत्येक ब्लॉक में सीएम के घोषित पुरस्कार की पात्रता रखने वालो को संख्या 300 से लेकर 600 से भी ज्यादा थी.

इसके लिए सरकार ने प्रत्येक जनपद को 7 लाख 83 हजार का बजट दिया था. खेल का पैसा खिलाड़ी को ही मिले इसलिए उनके खाते में पैसा ट्रेजरी से जाने थे.

प्रक्रिया जनवरी से फरवरी माह में कर लिया जाना था. मार्च में रुपए लेप्स न हो जाए इसलिए जिला पंचायत ने ट्रेजरी से रकम जनपद पंचायत के खातों में अंतरित कर दिया. प्रशासन ने ऊपर बताए गए अपनी रिपोर्ट्स में वितरण का दावा भी कर दिया था.

खाते का रोना सभी ने रोया

मामले में पक्ष जानने हमने फिंगेश्वर जनपद सीईओ अजय पटेल, छुरा के एमएल वर्मा, देवभोग के प्रतीक प्रधान के अलावा मैनपुर पंचायत इंस्पेक्टर आरआर ध्रुवा से बात किया. सभी ने कहा कि खिलाड़ियों की सूची मिलने में देरी हुई, कई खिलाड़ियों के खाते नंबर मैच नहीं हो रहा. लेकिन इस माह के अंत तक भुगतान करने का दावा किया है.

खेल विभाग भी वितरण में पीछे रह गया

जिला और संभाग स्तर पर जौहर दिखाने वाले खिलाड़ियों के पुरस्कार का वितरण जिला खेल विभाग को करना था, लेकिन इस विभाग ने भी पूरी खिलाड़ियों को पुरस्कार नही दे पाया है. प्रभारी जिला खेल अधिकारी आशीष अनुपम टोप्पो ने कहा की प्रथम वालो को दिया जा चुका है.अन्य केटेगिरी वालो के नाम आना बाकी है. जल्द भुगतान कर दिया जाएगा.

खिलाड़ियों ने कहा प्रशासन कर रहा अनदेखी

बगैर किसी कोच और सरकारी सुविधा के बिना ही छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में राज्य स्तर पर खेल कर लौटी मैनपुर की एथलिटिक्स मनीषा कश्यप, प्रतिमा, यामिनी नेगी खो-खो की चैंपियन हीतेश्वरी ने सरकार के इस प्रयासों की सराहना किया. उन्होंने कहा की हमे अपनी प्रतिभा को दिखाने का एक मंच मिला.

यह भी कहा की पुरुस्कार की राशि मायने नहीं रखता पर पुरुस्कार खिलाड़ी का अलंकार होता है. ऐसे मामले में अनदेखी कर प्रशासन खिलाड़ियों के भावनाओ के साथ खिलवाड़ कर रही है.

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