उप मुख्यमंत्री ने 2.06 करोड़ की लागत से घोटिया विद्युत उपकेंद्र का किया भूमिपूजन…..

रायपुर: कवर्धा शहर की बढ़ती विद्युत मांग को देखते हुए आज नवीन बस स्टैण्ड घोटिया में 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्र निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना के अंतर्गत लगभग 2.06 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस विद्युत उपकेन्द्र की सौगात दी।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह केंद्र शहर की विद्युत व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएगी तथा आम उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। उपकेन्द्र के शुरू होने से मेडिकल कॉलेज, नवीन बस स्टैण्ड, कृषि महाविद्यालय, तुलसी नगर और राजदीप कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं शहर के 8614 उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कवर्धा शहर की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आज घोठिया स्थित नवीन बस स्टैण्ड के पास नए विद्युत उपकेंद्र का भूमिपूजन किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद मात्र ढाई वर्षों के भीतर जिले में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं और अब तक चार नए उपकेंद्रों का भूमिपूजन पूरा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि दलदली, सेमो और सरेखा में पहले ही उपकेंद्रों का भूमिपूजन हो चुका है, जबकि जल्द ही दुबहा में भी नए उपकेंद्र का भूमिपूजन किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि महज ढाई वर्षों में जिले में पांच सब स्टेशन स्थापित होने जा रहे हैं, जो विद्युत व्यवस्था को नई मजबूती देंगे। उन्होंने कहा कि आगामी वर्षों में भी नए सब स्टेशन और ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे ताकि हर क्षेत्र तक गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाई जा सके। उन्होंने बताया कि ट्रांसफार्मर लगने से लो वोल्टेज और बार-बार बिजली बाधित होने जैसी समस्याओं में बड़ी राहत मिलती है। ढाई साल में अब तक जिले में 486 नए ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं और आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि घोटिया उपकेंद्र में 5 एमव्हीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। अभी तक कवर्धा शहर की पूरी विद्युत व्यवस्था दो पावर ट्रांसफार्मरों के भरोसे संचालित हो रही थी, लेकिन यह तीसरा पावर ट्रांसफार्मर शहर की करीब 40 प्रतिशत आबादी को कवर करेगा। इससे वोल्टेज की समस्या, लाइन फाल्ट और ओवरलोड जैसी परेशानियों से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस नए उपकेंद्र से कवर्धा शहर के 13 वार्डों में विद्युत सप्लाई की जाएगी। इससे मौजूदा दोनों ट्रांसफार्मरों पर लोड कम होगा और दूरस्थ बस्तियों तक भी पर्याप्त वोल्टेज के साथ बिजली पहुंच सकेगी।
उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि नवंबर माह तक इस उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चन्द्र प्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य डाॅ. बीरेन्द्र साहू, जनपद अध्यक्ष श्री सुषमा गणपत बघेल, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, जिला पंचायत सीईओं श्री अभिषेक अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामीण उपस्थित थे।
5 एमव्हीए ट्रांसफार्मर और तीन नए फीडर होंगे स्थापित
नवीन उपकेन्द्र में 5 एमव्हीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही यहां से तीन नए 11 केव्ही फीडर मेडिकल कॉलेज फीडर, तुलसीनगर फीडर तथा राजदीप कॉलोनी फीडर निकाले जाएंगे। इन फीडरों के माध्यम से नव निर्मित मेडिकल कॉलेज, नवीन बस स्टैण्ड, कृषि महाविद्यालय, तुलसीनगर एवं राजदीप कॉलोनी क्षेत्र में बेहतर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

पुराने उपकेन्द्रों पर कम होगा भार
विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस नए उपकेन्द्र के प्रारंभ होने के बाद लोहारा नाका स्थित उपकेन्द्र का भार यहां हस्तांतरित किया जाएगा। इससे दशरंगपुर, टाउन-1 तथा रामनगर फीडरों पर दबाव कम होगा। साथ ही 11 केव्ही फीडरों की लंबाई घटने से अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति संभव हो सकेगी।
8614 उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
इस नवनिर्मित उपकेन्द्र से कवर्धा शहर के लगभग 8614 उपभोक्ता सीधे लाभान्वित होंगे। बेहतर विद्युत व्यवस्था से आम नागरिकों के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थानों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और तेजी से विकसित हो रहे नए क्षेत्रों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।
लो वोल्टेज की समस्या से मिलेगी राहत
नए उपकेन्द्र के निर्माण से शहर के कई क्षेत्रों में लंबे समय से बनी लो वोल्टेज की समस्या से भी राहत मिलेगी। विद्युत विभाग के अधिकारी ने बताया कि कम दूरी से विद्युत आपूर्ति होने के कारण बिजली की गुणवत्ता में सुधार आएगा और उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली मिल सकेगी।




