ग्राम सभा के फैसले पर प्रशासनिक नोटिस से बढ़ा विवाद
गोटाईगुड़ा में खेल विभाग को भूमि आवंटन का विरोध पड़ा भारी, तहसीलदार ने सचिव और पटेल को जारी किया कारण बताओ नोटिस

बीजापुर (हिन्दसत)। जिले के भोपालपटनम विकासखंड अंतर्गत ग्राम गोटाईगुड़ा में ग्राम सभा द्वारा भूमि संरक्षण के फैसले के बाद अब प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। तहसीलदार कार्यालय भोपालपटनम द्वारा ग्राम पंचायत के सचिव और पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जिसमें शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने और आदेश का पालन नहीं करने का उल्लेख किया गया है।
जारी नोटिस के अनुसार जिला खेल अधिकारी द्वारा जिला एवं विकासखंड मुख्यालय में कार्यालय संचालन और विभागीय गतिविधियों के लिए पटवारी हल्का नंबर 15 तिमेढ़ अंतर्गत ग्राम गोटाईगुड़ा की भूमि खसरा नंबर 61/12 से 0.400 हेक्टेयर भूमि आबंटन हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र और ग्राम पंचायत प्रस्ताव मांगा गया था।

लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, पटेल और माटी पुजारी द्वारा आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा गया कि उक्त भूमि को पूर्व से ही आदिवासी सामाजिक भवन और शादी कार्यक्रमों के लिए ग्राम सभा द्वारा संरक्षित किया गया है। इसके बाद ग्राम सभा ने प्रस्ताव पारित कर भूमि आवंटन संबंधी आदेश को निरस्त करने की मांग की।
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि ग्राम सभा और ग्राम पंचायत द्वारा संविधान की पांचवीं अनुसूची तथा छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम 2022 के प्रावधानों का हवाला देते हुए आदेश का विरोध किया गया। प्रशासन ने इसे शासकीय कार्य में बाधा मानते हुए संबंधित पंचायत पदाधिकारियों से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
तहसीलदार कार्यालय ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी। मामले की प्रतिलिपि मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एवं एसडीएम कार्यालय को भी भेजी गई है।
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में ग्राम सभा के अधिकार, पांचवीं अनुसूची और प्रशासनिक हस्तक्षेप को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा के निर्णयों को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है, ऐसे में ग्राम सभा के फैसले के बाद नोटिस जारी किया जाना कई सवाल खड़े करता है।


