छत्तीसगढ

तो क्या मौत के बाद ही खुलेगी अफसरों की आंखे?, हैवी ब्लास्टिंग से डरे हुए है ग्रामीण…..

तो क्या मौत के बाद ही खुलेगी अफसरों की आंखे?, हैवी ब्लास्टिंग से डरे हुए है ग्रामीण

सम्यक नाहटा, सरगुजा। जिले में गिट्टी क्रेशर के मनमानी औऱ हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीण के घर कांप रहे हैं। जब भी पत्थर निकालने के लिए ब्लास्टिंग होता है. ग्रामीणों के घरों में कहर बरस पड़ता हैं,

आलम ये है कि ग्रामीण इसकी शिकायत कई बार कर चुके हैं, मगर कोई निराकरण नहीं निकला। हालांकि कलेक्टर अब इस मामले में जांच के बाद कार्रवाई की दलील जरूर दे रहे है।

दरअसल, इस गांव में गिट्टी क्रेसर संचालित होता हैं। इस गिट्टी क्रेसर के द्वारा हैवी ब्लास्टिंग कर पत्थर निकाला जाता हैं, जिससे गरीबों के घरौंदे हिल रहे हैं।

क्रेसर संचालक के हैवी ब्लास्टिंग से केपी गांव के लोगों का जान का खतरा बना हुआ हैं। घरों के दीवारे फट गए हैं। ये क्रेसर संचालक किसी भी वक्त ब्लास्टिंग कर देते हैं।

ग्रामीणों का कहना हैं सबसे ज्यादा खतरा रात को होता हैं। रात में जान का खतरा ज्यादा बना रहता हैं। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कई बार जिम्मेदार अधिकारीयों को दिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

इस गांव में संचालित गिट्टी क्रेशर से महज 1 किलोमीटर की दुरी में बसा लगभग 30 घर सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। हैवी ब्लास्टिंग से जिनके घरों में दरारे हो गए हैं।

सरगुजा कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्या पर खनिज और राजस्व अधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं और कार्वाई करने की बात कही हैं। हैवी ब्लास्टिंग के दहशत के साये में रहे

ये ग्रामीण जिला प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कलेक्टर के संज्ञान में आने के बाद अब देखना होगा की हैवी ब्लाटिंग पर रोक लगती हैं और क्रेसर संचालक पर कार्रवाई होती हैं या नहीं, या फिर ग्रामीण ऐसे ही दहशत के साए में जीने को मजबूर रहते है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button