बीजापुर के मत्स्य पालन केंद्र को बनाया जाएगा प्रशिक्षण केंद्र, किसानों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण : रामविचार नेताम
मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि पर जोर, बस्तर को बताया कृषि और मत्स्य पालन के लिए अनुकूल क्षेत्र

बीजापुर (हिन्दसत)। प्रदेश के आदिम जाति विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण, जैव प्रौद्योगिकी, मत्स्य पालन एवं पशुधन विकास मंत्री रामविचार नेताम ने गुरुवार को बीजापुर जिले के मत्स्य पालन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र को भविष्य में आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने कहा कि इस केंद्र में आसपास के किसानों और मत्स्य पालकों को आधुनिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित मत्स्य पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव ने मंत्री का स्वागत किया। मंत्री ने हैचरी में संचालित गतिविधियों का अवलोकन कर विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने लगभग 1.50 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इस केंद्र को किसानों के लिए प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन का मॉडल केंद्र बनाने पर बल दिया।

कार्यक्रम में मंत्री ने विभागीय योजनाओं के तहत मत्स्य पालकों को सामग्री का वितरण भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं का लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि लोगों को स्थायी आजीविका और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है।
रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर का प्राकृतिक वातावरण कृषि और मत्स्य पालन के लिए बेहद अनुकूल है। उन्होंने कोदो, कुटकी, रागी सहित अन्य पारंपरिक फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही स्व-सहायता समूहों को तालाब उपलब्ध कराकर मत्स्य पालन, बकरी पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों का विस्तार करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से बस्तर के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान स्व-सहायता समूहों के सदस्यों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र में पशु औषधालय की स्थापना तथा पशुपालन विभाग की सेवाओं को मजबूत करने की मांग की। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने की चेतावनी दी।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मांडवी, वरिष्ठ भाजपा नेता जी. वेंकट, घासीराम नाग, सिदार कोमल, राहुल देव, श्रीनिवास मुदलियार, विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।



