नक्सल मामलों में बंद आदिवासियों की रिहाई को लेकर बीजापुर में उमड़ा जनसैलाब
12 जुलाई को मुख्यमंत्री से मिलेंगे पीड़ित परिवार, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन

बीजापुर (हिन्दसत)। नक्सल मामलों में विभिन्न जेलों में बंद आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई की मांग को लेकर गुरुवार को बीजापुर में बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार और ग्रामीण विधायक विक्रम मंडावी के निवास पहुंचे। भारी बारिश के बावजूद आयोजित कार्यक्रम में तीन हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया और अपने परिजनों की निशर्त रिहाई की मांग की।

बैठक के दौरान परिजनों ने बताया कि वर्षों से जेलों के चक्कर, अदालतों में पेशी और वकीलों की फीस के कारण उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है। कई परिवार कर्ज के बोझ तले दब गए हैं, जबकि बच्चों की पढ़ाई और आजीविका भी प्रभावित हो रही है। परिजनों का आरोप है कि महुआ बीनने वाले ग्रामीणों, खेती-किसानी करने वाले किसानों तथा स्कूली छात्रों तक को नक्सल मामलों में जेल भेजा गया है।
नक्सल मामलों में जेलों में बंद लोगों के परिजनों ने एक 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है, जो मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत से मुलाकात कर जेलों में बंद आदिवासी ग्रामीणों की रिहाई की मांग उठाएगा। परिजनों ने यह भी मांग की कि जिस प्रकार आत्मसमर्पण करने वाले हार्डकोर नक्सलियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया गया है, उसी प्रकार निर्दोष आदिवासियों के मामलों की भी समीक्षा कर उन्हें राहत प्रदान की जाए।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि एक ओर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर बस्तर के गरीब आदिवासी वर्षों से नक्सलियों के मददगार बताकर जेलों में बंद हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज का बड़ा वर्ग कानून और न्यायिक प्रक्रिया की जटिलताओं से परिचित नहीं है, जिसके कारण परिवारों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि आगामी 12 जुलाई को पीड़ित परिवारों के प्रतिनिधिमंडल के साथ रायपुर जाकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करेगी और बंद आदिवासियों के मामलों की समीक्षा कर न्याय दिलाने की दिशा में पहल करेगी।
बैठक और प्रेस वार्ता के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों ने विधायक कार्यालय से रैली निकाली। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम जागेश्वर कौशल को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में नक्सल मामलों में बंद लोगों की निशर्त रिहाई, लंबित मामलों की समीक्षा, न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने की मांग की गई।
इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष लालू राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, भीमा मडकम, सोनाराम वारसा, वामन कड़ती, सुखराम, सरिता गोटा, कड़ती वेंकट, हेमला लक्ष्मण, सन्नू कुरसम, शैलेश मडकम, सोढ़ी रामलू, कुंजाम लक्ष्मा, मंगली अवलम, मोती कोरसा, रमेश लेकाम, पार्वती वेको, रवीना सोढ़ी और रवींद्र उरसा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और पीड़ित परिवार मौजूद थे।



