कोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र पहुंचे सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक दीपक कुमार, जवानों का बढ़ाया हौसला
पेड्डाकोरमा एफओबी, 85 व 229 बटालियन मुख्यालय का किया निरीक्षण, 446 प्रशिक्षुओं को दिए बेहतर प्रशिक्षण और सतर्कता के मंत्र

बीजापुर। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के विशेष महानिदेशक (केंद्रीय जोन) दीपक कुमार (आईपीएस) ने सोमवार को बीजापुर रेंज के कोर सिक्योरिटी ऑपरेशनल जोन (एसओजेड) का दौरा कर विभिन्न परिचालनिक ठिकानों और इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ छत्तीसगढ़ सेक्टर के महानिरीक्षक श्री शालिन तथा ऑप्स रेंज बीजापुर के उप महानिरीक्षक बी.एस. नेगी भी मौजूद रहे।

दौरे की शुरुआत 222 बटालियन के फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (एफओबी) पेड्डाकोरमा से हुई। कभी माओवादियों के मजबूत गढ़ के रूप में पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में तैनात जवानों से संवाद करते हुए विशेष महानिदेशक ने कठिन परिस्थितियों में एफओबी की स्थापना और संचालन के लिए अधिकारियों एवं जवानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र को नक्सल मुक्त घोषित किए जाने के बावजूद सतर्कता, अनुशासन और परिचालनिक सजगता बनाए रखना आवश्यक है।

इसके बाद उन्होंने 85 बटालियन मुख्यालय का निरीक्षण कर जवानों की परिचालनिक एवं प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न कल्याणकारी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा जवानों के हित में किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। बटालियन परिसर स्थित के-9 केयरिंग सेंटर का निरीक्षण करते हुए उन्होंने श्वान दस्तों के प्रशिक्षण और स्वास्थ्य प्रबंधन में लगे कर्मियों के कार्यों की भी सराहना की।

सांयकाल में विशेष महानिदेशक ने 229 बटालियन मुख्यालय का दौरा किया और एएनटीएस घाटी में संचालित प्री-इंडक्शन प्रशिक्षण कार्यक्रम का अवलोकन किया। यहां बीजापुर रेंज की 10 परिचालनिक इकाइयों में तैनाती से पूर्व 446 प्रशिक्षु प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर के घने जंगलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सफल परिचालन के लिए उच्च शारीरिक क्षमता, सामरिक दक्षता, परिस्थितिजन्य जागरूकता और जंगल युद्धक कौशल बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाने और अर्जित कौशल का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया।
विशेष महानिदेशक का यह दौरा अधिकारियों और जवानों के लिए प्रेरणादायक रहा तथा इससे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास के प्रति सीआरपीएफ की प्रतिबद्धता और मजबूत हुई।



