अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस पर बीजापुर में हुआ भव्य आयोजन
“रन फॉर इंद्रावती” मैराथन, छात्र प्रतियोगिताओं और जनजागरूकता कार्यक्रमों में उमड़ी जनभागीदारी

बीजापुर (हिन्दसत)। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर इंद्रावती टाइगर रिजर्व में वन्यजीव एवं बाघ संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इंद्रावती टाइगर रिजर्व एवं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पुलिस अधिकारियों, विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। देश के चौथे सबसे बड़े टाइगर रिजर्व इंद्रावती में पहली बार इस स्तर पर व्यापक जनसहभागिता वाला आयोजन देखने को मिला।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण “रन फॉर इंद्रावती” मैराथन रहा, जिसका आयोजन 5 किलोमीटर और 10 किलोमीटर श्रेणी में किया गया। मैराथन में लगभग 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। बीजापुर के अलावा दंतेवाड़ा, कोंडागांव, बस्तर सहित अन्य जिलों से पहुंचे धावकों ने मूसलाधार बारिश के बावजूद पूरे उत्साह के साथ दौड़ पूरी कर वन्यजीव संरक्षण का संदेश दिया।

मैराथन को बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि बाघों और वनों का संरक्षण जनसहभागिता से ही संभव है तथा युवाओं से पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, पेंटिंग, कविता एवं भाषण प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। जिले के नौ विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बाघ संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण विषयों पर आकर्षक चित्र, रचनाएं और प्रभावशाली भाषण प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों की रचनात्मकता और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

पुरस्कार वितरण समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। वहीं पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन मीणा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना भविष्य के संरक्षण प्रयासों की मजबूत नींव है।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप संचालक सुन्दीप बलागा, एसडीओ मनोज बघेल सहित वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष एम. सूरज और उनकी टीम ने भी आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।
कार्यक्रम के समापन पर मैराथन और विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि प्रकृति, वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का एक सशक्त अभियान है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, प्रशासन, पुलिस विभाग और आम नागरिकों की उल्लेखनीय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि बाघों और उनके प्राकृतिक आवासों का संरक्षण हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।


