जनगणना कार्य में लापरवाही पर दो शिक्षकों पर गिरी गाज
नोटिस के बाद भी जवाब नहीं, शराब के नशे में पहुंचने का भी आरोप; अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा

बीजापुर (हिन्दसत)। जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही बरतने वाले दो शिक्षकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जनगणना चार्ज अधिकारी एवं तहसीलदार ने दोनों शिक्षकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र प्रेषित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सहायक शिक्षक विनय कुजूर की ड्यूटी ग्राम परकेली एवं बण्डेमरका में जनगणना कार्य हेतु लगाई गई थी। आरोप है कि उन्होंने निर्धारित कार्य का निर्वहन नहीं किया। इस संबंध में 15 मई 2026 को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन आज पर्यंत तक उनका कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ है।

वहीं दूसरे मामले में शिक्षक रामसन जब्वा को 15 अप्रैल से 17 अप्रैल 2026 तक आयोजित प्रथम चरण के जनगणना प्रशिक्षण में शामिल होना था, लेकिन उन्होंने घरेलू आवश्यक कार्य का हवाला देते हुए अनुपस्थिति की जानकारी दी। प्रशासन ने उनके निवेदन को स्वीकार करते हुए विशेष रूप से 19 अप्रैल से 21 अप्रैल तक द्वितीय बैच का प्रशिक्षण आयोजित किया, किंतु उसमें भी उनकी उपस्थिति अपूर्ण पाई गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, नोटिस का जवाब देने के लिए 21 अप्रैल को उपस्थित होने पर रामसन जब्वा शराब के नशे में पाए गए। इस दौरान उन्होंने बच्ची के इलाज के लिए बाहर जाने का कारण बताया। अधिकारियों ने इसे शासकीय दायित्वों के प्रति गंभीर उदासीनता माना है।

तहसील प्रशासन ने दोनों शिक्षकों के आचरण को जनगणना कार्य के प्रति लापरवाही एवं शासकीय कर्तव्यों की अवहेलना बताते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम तथा जनगणना अधिनियम के तहत यथोचित कार्रवाई की अनुशंसा की है। अब जिला शिक्षा विभाग द्वारा मामले में आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।



