कर्रेगुट्टा पर लहराया तिरंगा, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा बोले – यह मेरे जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन
600 किलोमीटर लंबी बस्तर तिरंगा यात्रा का कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर हुआ समापन, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

बीजापुर (हिन्दसत)। नक्सलवाद प्रभावित बस्तर क्षेत्र में शांति, विकास और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर निकली तीन दिवसीय बस्तर तिरंगा यात्रा का समापन शुक्रवार को कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर तिरंगा फहराकर किया गया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने कर्रेगुट्टा पहुंचकर जवानों के साथ स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर ध्वजारोहण किया तथा शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया।

यात्रा के अंतिम दिन दल बीजापुर से आवापल्ली, गलगम, उसूर, नम्बी और ताड़पाला होते हुए कर्रेगुट्टा पहुंचा। तीन दिनों में नारायणपुर, कोंडागांव, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों में लगभग 600 किलोमीटर की बाइक यात्रा पूरी की गई।

कर्रेगुट्टा पहाड़ी पर आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र को कभी नक्सलियों का सुरक्षित गढ़ माना जाता था, वहां आज तिरंगा फहराना लोकतंत्र और सुरक्षा बलों के साहस की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बस्तर के लोगों के मन से भय और भ्रम समाप्त हो रहा है तथा संविधान और विकास की धारा अब दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही है।

वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि जिस पहाड़ी पर कभी पहुंचना भी मुश्किल था, वहां आज बिना किसी भय के तिरंगा लहरा रहा है। यह सुरक्षा बलों के पराक्रम और केंद्र व राज्य सरकारों के प्रयासों का परिणाम है।
सांसद महेश कश्यप ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि आजादी के 79 वर्षों बाद इन क्षेत्रों में राष्ट्रीय ध्वज पूरे सम्मान के साथ लहरा रहा है। उन्होंने कहा कि तिरंगा शांति, बलिदान और पराक्रम का संदेश देता है।

यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया गया तथा शहादत स्थलों की मिट्टी संग्रहित की गई। मंत्रीगण ने शहीद परिवारों और ग्रामीणों से भी मुलाकात की। मार्ग में बच्चों, युवाओं और ग्रामीणों ने भारत माता की जय और तिरंगे के जयघोष के साथ यात्रा का स्वागत किया।
यात्रा के दौरान उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री देर रात टेकलगुडेम भी पहुंचे, जहां आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। भारी बारिश के बावजूद सिलगेर, ताड़मेटला, तर्रेम और जगरगुंडा क्षेत्रों के ग्रामीण बड़ी संख्या में यात्रा के स्वागत के लिए पहुंचे। बस्तर तिरंगा यात्रा शुक्रवार रात बीजापुर पहुंचकर संपन्न हुई।


