पीएमश्री आवासीय विद्यालय में बदहाल शौचालय, छात्रों को जंगल जाने की मजबूरी
440 विद्यार्थियों के लिए केवल 4 शौचालय, बालिका छात्रावास में सैनिटरी पैड की भी कमी

बीजापुर (हिन्दसत)। जिले के पीएमश्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भैरमगढ़ में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाओं के अभाव का सामना करना पड़ रहा है। परिजनों और सामाजिक संगठनों ने आरोप लगाया है कि विद्यालय परिसर में शौचालयों की संख्या बेहद कम है तथा उपलब्ध शौचालयों में से कई खराब पड़े हैं, जिससे विद्यार्थियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय के बालक एवं बालिका छात्रावास में लगभग 220-220 विद्यार्थी निवासरत हैं। इसके बावजूद प्रत्येक छात्रावास में केवल दो-दो शौचालय उपलब्ध हैं। इनमें से भी कुछ शौचालय उपयोग योग्य नहीं हैं। ऐसी स्थिति में कई विद्यार्थियों को शौच के लिए छात्रावास परिसर से बाहर जंगल की ओर जाना पड़ता है। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

परिजनों का आरोप है कि बालिका छात्रावास में सैनिटरी पैड की नियमित उपलब्धता भी सुनिश्चित नहीं की जा रही है। इससे छात्राओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले बच्चों को स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन वर्तमान व्यवस्थाएं विद्यार्थियों की जरूरतों के अनुरूप नहीं हैं।
प्राचार्य को लेकर पहले भी उठ चुके हैं सवाल
विद्यालय के प्राचार्य ओम प्रकाश को लेकर पूर्व में भी प्रशासनिक स्तर पर शिकायतें सामने आ चुकी हैं। कलेक्टर बीजापुर द्वारा राज्य स्तरीय आदिम जाति कल्याण, आवासीय एवं आश्रम शैक्षणिक संस्थान समिति को भेजे गए पत्र में मानसिक एवं प्रशासनिक प्रताड़ना, असहयोगात्मक व्यवहार तथा प्रशासनिक और शैक्षणिक कमियों का उल्लेख किया गया था। पूर्व में गठित जांच समिति तथा जिला पंचायत के निरीक्षण प्रतिवेदन में भी विद्यालय की व्यवस्थाओं पर गंभीर टिप्पणियां दर्ज की गई थीं।
शिकायतों की होगी जांच : सहायक आयुक्त
मामले पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग देवेंद्र सिंह ने कहा कि एकलव्य आवासीय विद्यालय भैरमगढ़ में शौचालयों की खराब स्थिति एवं सैनिटरी पैड की उपलब्धता से संबंधित शिकायतों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
सर्व आदिवासी समाज ने दी आंदोलन की चेतावनी
सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि आदिवासी विद्यार्थियों के लिए स्थापित इस संस्थान में मूलभूत सुविधाओं का अभाव स्वीकार्य नहीं है। यदि शीघ्र सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो समाज इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने के लिए बाध्य होगा।
विद्यालय की स्थिति सामने आने के बाद अभिभावकों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने पर्याप्त शौचालयों के निर्माण, खराब शौचालयों की तत्काल मरम्मत तथा बालिका छात्रावास में सैनिटरी पैड की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े इस मुद्दे पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

