मजदूर दिवस की सभा और रैली की अनुमति न मिलने से नाराज सीपीआई नेताओं ने लगाए गंभीर आरोप
ओरछा एसडीएम पर सीपीआई ने लगाए आरोप, 8 मई को आंदोलन की चेतावनी

नारायणपुर (हिन्दसत)। अनुविभाग ओरछा में पदस्थ एसडीएम सुमित गर्ग पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (Communist Party of India) के प्रति दुर्भावना रखने और सरकार के एजेंट की तरह कार्य करने के आरोप लगाए गए हैं। यह आरोप पार्टी के छत्तीसगढ़ राज्य परिषद सह सचिव फुलसिंग कचलाम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लगाए।
प्रेस विज्ञप्ति में कचलाम ने कहा कि उन्होंने 11 मार्च 2026 को ओरछा में धरना-प्रदर्शन और रैली की अनुमति के लिए 26 फरवरी को नियमानुसार आवेदन दिया था, लेकिन एसडीएम कार्यालय की ओर से 10 मार्च को अनुमति नहीं दिए जाने की सूचना जारी की गई। इसी तरह 1 मई 2026 (अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस) पर रैली की अनुमति के लिए 20 अप्रैल को आवेदन किया गया, जिसे 30 अप्रैल को अस्वीकृत कर दिया गया।

कचलाम का आरोप है कि दोनों ही मामलों में आवेदन समय पर देने के बावजूद कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले अनुमति न देने का निर्णय लिया गया, जो प्रशासन की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि यह रवैया दर्शाता है कि प्रशासन मजदूरों, किसानों और आम नागरिकों के मुद्दों को उठाने वाली सीपीआई के प्रति पक्षपातपूर्ण व्यवहार कर रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि 11 मार्च के कार्यक्रम की अनुमति न मिलने के मामले में 13 मार्च को उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 1 मई को भी इसी तरह अनुमति न देना उनके आरोपों को और मजबूत करता है।
सीपीआई नेता ने कहा कि 8 मई 2026 को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन में एसडीएम ओरछा को हटाने की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा।



