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साइबर ठगी : किराये पर बैंक खाते देने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

5.29 लाख के संदिग्ध लेन-देन का हुआ खुलासा

दंतेवाड़ा (हिन्दसत)। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के तहत दंतेवाड़ा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ऐसे आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो अपने बैंक खाते, पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड अन्य लोगों को किराये पर उपलब्ध कराते थे। पुलिस जांच में आरोपियों के खातों के माध्यम से 5 लाख 29 हजार 898 रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा हुआ है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दोषेश कुंजाम और चेतन कुंजाम दंतेवाड़ा जिले के निवासी हैं। साइबर सेल से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना कुआकोंडा पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच की। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी कमीशन के बदले अपने बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराधियों को करने देते थे।

पुलिस ने बताया कि इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम के अवैध हस्तांतरण और निकासी के लिए किया जा रहा था। विस्तृत वित्तीय जांच में आरोपियों के खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन पाए गए। पर्याप्त दस्तावेजी एवं डिजिटल साक्ष्य मिलने के बाद दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(4) एवं 318(2) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक भीमराज नाथ तांडवी सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

साइबर ठगी को लेकर पुलिस की अपील

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक या एटीएम कार्ड उपयोग के लिए न दें। ऐसे खाते साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम को छिपाने और स्थानांतरित करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में देने की सलाह दी गई है। देशभर में साइबर ठगी के मामलों में किराये या “म्यूल अकाउंट” के उपयोग को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है।

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