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उसूर बीईओ पद पर नियुक्ति को लेकर उठा विवाद, भाजपा नेता ने सरकार से पुनर्विचार की मांग की

पूर्व सांसद प्रतिनिधि श्रीनिवास रेड्डी ने बी.एन. राव की नियुक्ति पर उठाए सवाल, पुराने कार्यकाल की जांच की मांग

बीजापुर (हिन्दसत)। उसूर विकासखंड के प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पद पर बी.एन. राव की नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व सांसद प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्रीनिवास रेड्डी ने शासन से इस नियुक्ति पर पुनर्विचार करने और मामले की निष्पक्ष समीक्षा कराने की मांग की है।

जारी बयान में रेड्डी ने कहा कि शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में अधिकारियों की नियुक्ति करते समय उनके पूर्व कार्यकाल और कार्यप्रणाली का गंभीरता से मूल्यांकन किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सहायक परियोजना अधिकारी के रूप में कार्यकाल के दौरान फोटाकेबिन क्षेत्र की आश्रम-शालाओं में खरीदी-बिक्री से जुड़े मामलों को लेकर कई विवाद सामने आए थे। इन मामलों में अधीक्षकों पर कार्रवाई हुई थी, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे।

रेड्डी ने यह भी दावा किया कि जिला मिशन समन्वयक (डीएमसी) के रूप में कार्यकाल के दौरान निर्माण कार्यों से संबंधित कई शिकायतें सामने आई थीं, जिन पर तत्कालीन जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई थी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों को ध्यान में रखते हुए ही अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि उसूर विकासखंड भौगोलिक रूप से दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्र है, जहां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बेहतर कार्य अनुभव और स्वच्छ छवि वाले अधिकारियों की आवश्यकता है। इसलिए शासन को नियुक्ति से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा कर आवश्यक जांच करानी चाहिए।

हालांकि श्रीनिवास रेड्डी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन जनभावनाओं और क्षेत्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लेगा।

(नोट: उक्त आरोप पूर्व सांसद प्रतिनिधि श्रीनिवास रेड्डी द्वारा जारी बयान में लगाए गए हैं। संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)

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