NHM भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल, प्रशासन ने पारदर्शिता का किया दावा
जिले में चल रही 33 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर नजर, निष्पक्षता को लेकर उठे सवाल

बीजापुर (हिन्दसत)। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत जिले में चल रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर एक ओर जहां पारदर्शिता और निष्पक्षता के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई सवाल भी उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार विभाग में दक्ष एवं अनुभवी लिपिकीय कर्मचारियों की उपलब्धता के बावजूद भर्ती संबंधी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संविदा कर्मियों द्वारा निभाई जा रही हैं, जिससे अभ्यर्थियों के बीच शंकाएं पैदा हो रही हैं।
जानकारों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग में एक अधिकारी की साफ-सुथरी छवि के पीछे विभाग की एक कथित तिकड़ी पूरे भर्ती तंत्र को संचालित कर रही है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भर्ती प्रक्रिया को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पूर्व जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के अंतर्गत हुई भर्ती प्रक्रिया में भी अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। मामले को लेकर कई अभ्यर्थियों ने विधायक विक्रम मंडावी से मुलाकात कर भर्ती निरस्त करने की मांग भी की थी। इससे पहले भी विभिन्न भर्तियों में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आती रही हैं।
इसी बीच जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 33 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत संचालित की जा रही है। प्रशासन के अनुसार जिले के सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से यह भर्ती की जा रही है और पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन की निगरानी में संपन्न हो रही है।
भर्ती प्रक्रिया के तहत अब तक 08 पदों के लिए कौशल परीक्षा आयोजित की जा चुकी है। आगामी 21 अगस्त 2026 को फीडिंग डेमॉन्स्ट्रेटर, लैब टेक्नीशियन, RBSK मेडिकल ऑफिसर एवं फिजियोथेरेपिस्ट सहित 05 पदों के लिए कौशल परीक्षा आयोजित होगी। वहीं 22 अगस्त 2026 को डेंटल सर्जन, टेक्निकल असिस्टेंट (हियरिंग इम्पेयर्ड चिल्ड्रन), PADA, सेक्रेटेरियल असिस्टेंट तथा टेक्निकल असिस्टेंट ऑडियोमेट्रिक के पदों के लिए कौशल परीक्षा ली जाएगी।
जिला पंचायत बीजापुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे (IAS) के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। डिप्टी कलेक्टर मयंक मंडावी तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी पूरी प्रक्रिया की सतत निगरानी कर रहे हैं, ताकि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और नियमसम्मत बनी रहे।
प्रशासन का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है तथा चयन पूरी तरह मेरिट और निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया जाएगा। चयनित स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।
फिलहाल भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों और प्रशासन के पारदर्शिता संबंधी दावों के बीच अभ्यर्थियों और आम जनता की निगाहें चयन प्रक्रिया के अंतिम परिणाम पर टिकी हुई हैं।


