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ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर आदिवासियों से 15.73 लाख की ठगी, कार्रवाई की मांग

विधायक विक्रम मंडावी ने एसपी को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर हो कठोर कार्रवाई

बीजापुर (हिन्दसत)। जिले के तहसील गंगालूर क्षेत्र के ग्राम कावड़गांव, हिरोली, गंगालूर, मेटापाल तथा आसपास के गांवों के आदिवासी ग्रामीणों ने ट्रैक्टर फाइनेंस के नाम पर लाखों रुपये की कथित ठगी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने इस संबंध में बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी को ज्ञापन सौंपकर जॉन डियर शोरूम के मालिक एवं मैनेजर माधव मण्डल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और वसूली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि शिवम् ट्रैक्टर (जॉन डियर), जी.ए.डी. कॉलोनी बीजापुर से जुड़े मैनेजर माधव मण्डल ने ट्रैक्टर फाइनेंस कराने का भरोसा देकर अनपढ़ एवं भोले-भाले आदिवासी ग्रामीणों से अलग-अलग रकम जमा करवाई। आरोप है कि कुल 15 लाख 73 हजार रुपये की राशि लेने के बाद न तो ट्रैक्टर फाइनेंस की प्रक्रिया पूरी की गई और न ही रकम वापस की गई।

प्रभावित ग्रामीणों में भीमा कुंजाम, दिनेश पुनेम, जगत कुंजाम, सामूराम कुंजाम, संजू कुंजाम, पोदया पोटाम, संजू हेमला, जग्गू पोटाम, मंगल कारम, सुक्का पूनेम, दुला पूनेम, लखमा पूनेम, छोटू पूनेम, सुखराम पूनेम एवं मंगल पूनेम सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति अब उनके फोन कॉल भी रिसीव नहीं कर रहा है।

ज्ञापन प्राप्त करने के बाद विधायक विक्रम मंडावी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि आदिवासी ग्रामीणों के साथ फाइनेंस के नाम पर किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।

विधायक ने कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा प्रभावित ग्रामीणों की राशि वापस दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि किसी भी फाइनेंस कंपनी या संस्था के प्रतिनिधि पर भरोसा करने से पहले उसकी वैधता और दस्तावेजों की पूरी जांच अवश्य करें।

ग्रामीणों की मांग के अनुरूप विधायक विक्रम मंडावी ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बीजापुर को पत्र लिखकर मामले की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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